May 2019

Kanpur में सत्यदेव पचौरी के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई गोविंदनगर विधान सभा के ( उपचुनाव) में 4 बार के चर्चित पार्षद नवीन पंडित ने भी अपनी दावेदारी ठोंक दी है। BJP के नेशनल प्रेसीडेंट, यूपी प्रेसीडेंट और क्षेत्रीय प्रेसीडेंट को 30 पार्षदों के समर्थन वाला पत्र नवीन पंडित ने भेजा है। वहीं दूसरी तरफ सूत्रों की मानें तो एक बड़े राजनीतिक परिवार से भी दावेदारी शीर्ष स्तर पर चल रही है। केंद्र के एक पूर्व ताकतवर Minister से इस राजनीतिक परिवार ने दो चक्र की बातचीत भी की है। इस बातचीत के दौरान तीन नामों का सुझाव दिया गया है। इसमें एक नाम राजनीतिक परिवार के बेटे का है और दो नाम उनके करीबी रिश्तेदार “ब्रदर्स” के हैं।



YOGESH YTIPATHI


4 बार पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं नवीन पंडित


नवीन पंडित 4 बार पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं। इसमें दो बार गोविंदनगर और दो बार किदवईनगर विधान सभा के वार्ड से वे चुनाव जीते हैं। गोविंदनगर एरिया के साथ-साथ बर्रा समेत कई क्षेत्रों में उनकी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ है। नवीन ने पहला चुनाव बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीता था। तब उन्होंने रिकार्ड वोटों से डीबीएस कालेज के पूर्व पदाधिकारी अनिल अग्निहोत्री को हराया था। दो दशक पहले तक पूर्व कैबिनेट मंत्री बालचंद्र मिश्रा के बेहद करीबी रहे नवीन पंडित पर राम मंदिर आंदोलन और बाबरी विध्वंस के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत दो बार कार्रवाई की गई। नवीन पंडित गोविंदनगर विधान सभा से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। वोट 7700 के करीब मिले थे।


इस लिए चाहिए नवीन पंडित को टिकट


www.redeyestimes.com (News Portal) के सवाल पर बीजेपी पार्षद नवीन पंडित ने कहा कि “मैं जमीन से जुड़ा कार्यकर्ता हूं। क्षेत्र की जनता के साथ उनके सुख और दुःख में खड़ा रहता हूं।” राममंदिर आंदोलन और बाबरी विध्वंस के बाद कानपुर के जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दो बार कार्रवाई की। मैं लंबे समय तक जेल में रहा। 4 बार से पार्षद का चुनाव जीत रहा हूं। ये भी जनता का एक प्यार है। सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि नगर निगम सदन के करीब-करीब सभी पार्षद चाह रहे हैं कि इस बार गोविंदनगर का विधायक उनके बीच का हो। 30 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर एक पत्र दिया। जिसके बाद मैने गोविंदनगर से दावेदारी की है।

दो बड़े राजनीतिक परिवारों के बीच शह और मात का खेल


तमाम दावेदारों के दिलचस्प मुकाबले के बीच एक और "महा मुकाबला" चल रहा है। अंदरखाने से खबर है कि एक राजनीतिक परिवार ने लामबंदी शुरु कर दी है। अपने रिशतेदार “ब्रदर्स” के लिए इस परिवार ने टिकट की मांग की है। रिश्तेदार को टिकट न मिलने की सूरत में बेटे को प्रत्याशी बनाया जाए, ये भी एक विकल्प रखा गया है। खबर है कि इसके लिए मोदी सरकार के एक ताकतवर पूर्व मंत्री से दो चक्र की बातचीत अभी हाल में हो चुकी है। जल्द ही इस मुलाकात के परिणाम भी सामने दिखाई दे सकते हैं। वहीं, इस परिवार के धुर-विरोधी खेमे के लोग भी पीछे नहीं है। विरोधी खेमे से अब तक दो आवेदन हो चुके हैं। इसमें एक आवेदन पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के दिग्गज पदाधिकारी भी अपनी ताकत लगा रहे है। खबर है कि इस बड़े राजनीतिक घराने की सबसे बड़ी चिंता अपनी पुशतैनी प्रापर्टी को लेकर है। यही वजह है कि परिवार हर कीमत पर गोविंदनगर (उपचुनाव) से टिकट चाह रहा है।

आसान नहीं होगा प्रत्याशी का चयन

गोविंदनर विधान सभा का (उपचुनाव) मानों "कुंभ का स्नान" हो गया है। हर कोई इस "शाही स्नान" करना चाह रहा है। अब तक करीब दर्जन भर दावेदार सामने आ चुके हैं। सूत्रों की मानें तो अंत में तीन से चार नामों पर ही बीजपी का शीर्ष नेतृत्व विचार करेगा। यदि इन तीन-चार नामों पर भी अंत समय में “दंगल” हुआ तो फिर किसी महिला नेत्री को भी बीजेपी प्रत्याशी बना सकती है। कुछ ऐसा ही RSS भी चाह रही है।


 

 

 

Lok Sabha Election 2019 में प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी निगाहें Uttar Pradesh में होने वाले विधान सभा के उपचुनावों पर जमा दी हैं। 11 विधायक इस बार सांसद बने हैं। 8 BJP के हैं, जिसमें 3 योगी सरकार में कैबिनेट हैं। सूत्रों की मानें तो संगठन ने विधान सभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर बेहद गोपनीय स्तर पर संभावित बड़े दावेदारों का Report Card मांगा है। Kanpur की गोविंदनगर विधान सभा के लिए "एक अनार, सौ बीमार" वाली कहावत चरित्रार्थ होती दिखाई दे रही है। यहां से करीब एक दर्जन नेता दावेदारी कर रहे हैं। BJP उत्तर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी और क्षेत्रीय प्रेसीडेंट मानवेंद्र सिंह के बारे में बेहद ही गोपनीय रिपोर्ट संगठन के बड़े पदाधिकारी की तरफ से शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई है।


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अशोक चंदेल (बेबी) की सदस्यता रद्द करने के लिए लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एम.वेंकटेश्वर लू ने बुधवार को हमीरपुर से बीजेपी के विधायक अशोक सिंह चंदेल (बेबी) की सदस्यता रद्द करने के लिए प्रमुख सचिव (विधान सभा) प्रदीप दुबे और प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को पत्र लिखा। मालुम हो कि अशोक चंदेल को पांच लोगों की सामूहिक हत्या में इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा मुकर्रर की। जिसके बाद वे सरेंडर कर जेल चले गए। अशोक चंदेल की सदस्यता रद्द होने पर UP की 12 विधान सभा पर उपचुनाव होंगे।

संगठन की ताकतवर नेत्री ने लिया फीडबैक

बीजेपी संगठन की एक ताकतवर नेत्री ने गोविंद नगर विधान सभा (उपचुनाव) के मद्देनजर दो बड़े नेताओं सुरेंद्र मैथानी और मानवेंद्र सिंह के बाबत जानकारियां जुटाईं। सूत्रों की मानें तो ये रिपोर्ट बीजेपी के संगठन मंत्री सुनील बंसल को भेजी जानी है। चर्चा है कि जीत से उत्साहित भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और संगठन विधान सभा के उपचुनाव जल्द से जल्द कराना चाह रहा है। कयास लगाए जा रहे है कि जुलाई या फिर अगस्त माह में उपचुनाव हो सकते हैं। खास बात ये है कि फीडबैक लेने वाली संगठन की ताकतवर नेत्री वही हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में www.redeyestimes.com (News Portal) की खबर को संज्ञान में लेकर विस्तृत रिपोर्ट हाईकमान को भेजी थी और शीर्ष नेतृत्व ने 12 घंटे बाद अकबरपुर लोकसभा में यूपी बीजेपी के पूर्व प्रेसीडेंट लक्ष्मीकांत बाजपेयी को प्रभारी बनाकर कैम्प करने के लिए भेज दिया था। ये खबर बीजेपी प्रत्याशी को लेकर ब्राम्हणों में पनपे असंतोष को लेकर पोर्टल ने चुनाव से 10 दिन पहले प्रकाशित की थी।

गोविंदनगर में “एक अनार और 100 बीमार

गोविंद नगर से विधायक सत्यदेव पचौरी ने लोकसभा का चुनाव भारी मतों से जीता है। श्रीपचौरी योगी सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर भी हैं। उनके चुनाव जीतने के बाद ये सीट रिक्त हो चुकी है। ऐसे में इस सीट पर बीजेपी से करीब एक दर्जन से अधिक नेता अपना दावा ठोंक रहे हैं। इसमें करीब आधा दर्जन वो नेता हैं जो लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी में शामिल हुए हैं। वहीं, बीजेपी के एक पूर्व जिलाध्यक्ष, एक पूर्व विधायक समेत करीब आधा दर्जन बड़े नेता काफी मजबूती से पैरवी भी कर रहे हैं। सभी अपने करीबी बड़े नेताओं के जरिए संगठन स्तर पर पैरवी भी करवा रहे हैं। हालांकि इसमें कुछ ऐसे भी दावेदार हैं जो सिर्फ फेसबुक और होर्डिग्स तक के दायरे में ही सीमित हैं। संगठन स्तर पर न तो उनकी मजबूत पकड़ है और न ही उनकी पैरवी करने वाला कोई बड़ा नेता ही।

[caption id="attachment_19536" align="aligncenter" width="544"] लोकसभा चुनाव में कानपुर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन करते क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह (बीच में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) । फोटो साभार--Facebook[/caption]

मानवेंद्र सिंह ने नहीं की है दावेदारी

बड़े सूत्रों की मानें तो मानवेंद्र सिंह ने फिलहाल अभी तक दावेदारी नहीं की है। लेकिन क्षेत्रीय अध्यक्ष होने की वजह से संगठन के सभी बड़े नेता न सिर्फ उनको जानते हैं बल्कि कई से उनके करीबी संबध भी हैं। हर चुनाव में उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं होती हैं लेकिन उन्होंने कभी दावेदारी संगठन स्तर पर नहीं की है। इस उपचुनाव में भी उन्होंने दावेदारी नहीं है। सूत्रों की मानें तो मानवेंद्र सिंह की जो रिपोर्ट है उसके मुताबिक “शहर की राजनीति में मानवेंद्र सिंह का कोई बड़ा योगदान नहीं है। बीजेपी के निचले स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर उनकी मजबूत पकड़ भी नहीं है। मानवेंद्र सिंह का प्लस प्वाइंट ये है कि मानवेंद्र सिंह की अगुवाई में लोकसभा और विधान सभा के चुनाव में बीजेपी ने बड़ी सफलता हासिल की है।

[caption id="attachment_19535" align="alignnone" width="647"] सुरेंद्र मैथानी (उत्तर जिलाध्यक्ष, बीजेपी)[/caption]

शहर की नब्ज को बखूबी से जानते हैं पंडित सुरेंद्र मैथानी

मानवेंद्र सिंह के बाद दूसरा नाम सुरेंद्र मैथानी का है। कार्यकर्ता चाहे उत्तर का हो या फिर दक्षिण का वे हर किसी के साथ खड़े रहते हैं। पंडित सुरेंद्र मैथानी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। Twitter पर उनके एक्टिव होने की वजह से पिछले चुनाव में अमित शाह ने मंच से सुरेंद्र मैथानी का नाम लेकर कहा था कि यूपी में सिर्फ सुरेंद्र मैथानी ही एक मात्र जिलाध्यक्ष हैं जो ट्वीटर पर खासे एक्टिव रहते हैं। सुरेंद्र मैथानी को बीजेपी संगठन के साथ-साथ RSS के कई बड़े पदाधिकारियों की “छत्र छाया” है। कार्यकर्ता भी उनको बखूबी पसंद करते हैं। “सुरेंद्र मैथानी के बारे में जो रिपोर्ट है उसके मुताबिक शहर की नब्ज को जानने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के काफी करीब हैं। उत्तर हो या दक्षिण हर जगह उनकी तगड़ी पैठ है। साथ ही वे ब्राम्हण भी हैं। चूंकि गोविंदनगर में ब्राम्हण वर्ग का मतदाता काफी संख्या में है। इस लिहाज से उनको प्रत्याशी बनाया जाना बीजेपी के हित में ठीक रहेगा।“ हालांकि ब्राम्हण नेता के तौर पर करीब आधा दर्जन लोग दावेदारी कर रहे हैं।

अभी तक 8 नेताओं ने की है दावेदारी

जानकार सूत्रों की मानें तो बीजेपी संगठन के पास अभी तक कुल 8 नेताओं की दावेदारी पहुंची है। इसमें एक दूसरे दल से आए ब्राम्हण नेता के साथ-साथ BJP संगठन में लंबे समय से काम कर रहे दो पूर्व छात्रसंघ के पदाधिकारी हैं। शहर के दक्षिणी एरिया से अभी तक सिर्फ एक लोगों ने ही दावा ठोंका है। माना जा रहा है कि जल्द ही करीब आधा दर्जन और नेताओं की दावेदारी भी संगठन के पास पहुंच जाएगी। इसमें एक पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ-साथ पूर्व महापौर की तरफ से भी दावेदारी किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।

 

 

"जहरीली शराब" को लेकर देश का सबसे बड़ा राज्य Uttar Pradesh  एक बार फिर सुर्खियों में है। बाराबंकी में ठेके से देशी शराब खरीदकर पीने वाले 5 लोग अभी तक अपनी जान गवां चुके हैं। 3 लोगों की हालत नाजुक है। मरने वालों में एक परिवार के 4 लोग शामिल हैं। ये आंकड़े Twitter पर पुलिस की तरफ से दिए गए हैं, हालांकि वास्तविक हालात बिल्कुल उलट हैं। खबर है कि अब तक करीब 10 लोग मर चुके हैं। जबकि करीब डेढ़ दर्जन लोग अस्पताल में भर्ती हैं। सभी आला अफसर बाराबंकी के रामनगर स्थित रानीगंज में मौजूद हैं। UP Police के DGP ने मामले में लापरवाही बरतने वाले इंस्पेक्टर रामनगर राजेश कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी पवन गौतम पर कार्रवाई करते हुए दोनों को सस्पेंड कर दिया है। UPCM योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुःख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।


[caption id="attachment_19531" align="alignnone" width="695"] जहरीली शराब कांड में अपनों की मौत के बाद जिला प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते स्थानीय और पीड़ित परिवार के सदस्य।[/caption]

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रामनगर के रानीगंज में चारो तरफ कोहराम


बाराबंकी के रामनगर एरिया स्थित रानीगंज इलाके में चारो तरफ कोहराम और मातम पसरा है। हजारों की भीड़ जमा है। कोई शव पर विलाप कर रहा है तो कोई अपनों की जिंदगी बचाने के लिए अफसरों के हाथ-पांव जोड़ रहा है। अधिकारी है कि कुछ भी बोलने से साफ-साफ बच रहे हैं।

[caption id="attachment_19532" align="alignnone" width="1102"] जहरीली शराब कांड में मौत के ये आंकड़े ट्वीटर पर बाराबंकी पुलिस की तरफ से दिए गए हैं जबकि कहानी बिल्कुल उलट है।[/caption]

दानवीर सिंह के ठेके से खरीदी गई थी शराब


स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस शराब के ठेके से लोगों ने शराब खरीदी थी वो दानवीर सिंह नाम के व्यक्ति को आवंटित है। बताया जा रहा है कि शराब पीने के महज थोड़ी देर बाद ही सभी लोगों की हालत बिगड़ने लगी। परिवारीजन अपने करीबी लोगों को आनन फानन में अस्पताल ले गए। जहां से सभी को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।


https://twitter.com/Barabankipolice/status/1133255698794418177

मृतकों में तीन सगे भाई रमेश पुत्र छोटे लाल (35) व सोनू (25) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इन युवकों के पिता छोटेलाल (60) की भी थोड़ी देर बाद मौत हो गई। छोटेलाल के एक अन्य लड़के मुकेश (28) की घर पर ही मौत हो गई।


जिला आबकारी अधिकारी सस्पेंड


बड़े सूत्रों की मानें तो बाराबंकी में जहरीली शराब कांड के बाद पंचम तल के एयर कंडीशन वाले कमरों में बैठे अफसरों ने पसीना छोड़ दिया। खबर है कि विभाग के Minister जय कुमार सिंह (जैकी) ने बाराबंकी के जिला आबकारी अधिकारी एस.एन दुबे को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही आबकारी विभाग के 5 हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल भी सस्पेंड किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कानपुर समेत कई जगहों पर जहरीली शराब अपना कहर बरपा चुकी है। लेकिन यूपी सरकार के जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंगती। हर घटना के बाद कार्रवाई का झुनझुना बजता तो है लेकिन मोटी मलाई खाने के चक्कर में इसे फिर शुरु करवा दिया जाता है।

 जहरीली शराब से इन लोगों ने अब तक दम तोड़ा

  1. सोनू पुत्र सुरेश (25)।
    2. राजेश (35) पुत्र सालिक राम।
    3. रमेश (35) पुत्र छोटेलाल।
    4. सोनू (25) पुत्र छोटेलाल।
    5. मुकेश (28)
    पुत्र छोटे लाल।
    6. छोटेलाल (60) पुत्र घूरू। (राजेश, रमेश, सोनू व छोटेलाल एक ही परिवार के हैं।)
    7. सूर्यभान पुत्र सूर्य बख्श।
    8. राजेंद्र वर्मा पुत्र जगमोहन निवासी उमरी।
    9. महेंद्र पुत्र कप्तान सिंह निवासी सेमराय।
    10. महेंद्र पुत्र दलगंजन निवासी ततेहरा।


 

 

 
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Uttar Pradesh की सड़कों "यमराज" बनकर छुट्टा घूम रहे “अन्ना” मवेशी सूबे की जनता के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं। मंडे को STF के एक जवान की जान गाय को बचाने के चक्कर में चली गई, 5 जवानों की हालत गंभीर बनी है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) की स्कार्पियो डंपर से जा भिड़ी। भीषण Accident में स्कार्पियो चला रहे STF के जवान अवनींद्र बाजपेयी की मौत हो गई। जबकि इंस्पेक्टर अरुण सिंह समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को लखनऊ के ट्रामा सेंटर इलाज के लिए ले जाया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) ओमप्रकाश सिंह ने हादसे पर दुःख जताया है।


https://twitter.com/dgpup/status/1132918725093527552

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Unnao के आशाखेड़ा के पास Accident


Accident कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार की दोपहर को हुआ। STF इंस्पेक्टर अरुण सिंह और उनकी टीम स्कार्पियो से कानपुर एक खास मिशन के लिए रवाना हुई। उन्नाव के सोहरामऊ थाना एरिया के आशाखेड़ा गांव के पास अचानक सामने से एक गाय आ गई। जिसकी वजह से स्कार्पियो चला रहे चालक अवनींद्र बाजपेयी ने स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सड़क के किनारे खड़े डंपर से जा भिड़ी। दुर्घटनाग्रस्त होते ही स्कार्पियों का अगला पहिया भी पंक्चर हो गया।

ड्राइवर की मौके पर ही दर्दनाक मौत


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एसटीएफ जवानों की गाड़ी जब डंपर से भिड़ी तो उसके बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत दौड़ पड़े। सूचना पर सोहरामऊ इंस्पेक्टर फोर्स के साथ पहुंचे। घायल इंस्पेक्टर अरुण सिंह समेत STF के पांचों जवानों को तुरंत लखनऊ के लिए एंबुलेंस के जरिए ले जाया गया। लखनऊ के मिनी पीजीआइ में सभी का इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक दो जवानों की हालत गंभीर है।

STF के ये जवान हैं घायल


हादसे में एसटीएफ के निरीक्षक अरुण सिंह, उपनिरीक्षक विनोद सिंह, .मुख्य आरक्षी रुद्र नारायण उपाध्याय, आरक्षी राजेश सिंह, आरक्षी आलोक पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

 

Uttar Pradesh के अमेठी में शनिवार मध्यरात्रि बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के Murder Case को 12 घंटे के अंदर सुलझाने का दावा UP Police के DGP ओमप्रकाश सिंह ने किया है। वहीं, नवनिर्वाचित सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दिल्ली से अमेठी के लिए कुछ मिनट पहले रवाना हो चुकी हैं। खबर आ रही है कि पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए करीब 7 लोगों को उठा लिया है। बेहद गोपनीय स्थान पर सभी से पूछताछ की जा रही है।



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सोते समय सुरेंद्र सिंह पर दागीं गोलियां


अमेठी जनपद के एसपी ने मीडिया को बताया कि सुरेंद्र सिंह देर रात्रि करीब 11 बजे कार्यक्रम से वापस लौटकर घर आए। घर के बरामदे में वे सो गए। ग्रामीणों के मुताबिक रात करीब 3 बजे हमलावरों ने सोते समय गोलियां मारीं। सुरेंद्र सिंह को गोलियां मारने के बाद हमलावर फायरिंग करते हुए भाग निकले।

12 घंटे में करेंगे हत्याकांड का खुलासा


यूपी के पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि हत्याकांड की गहराई से छानबीन की जा रही है। कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। श्रीसिंह ने कहा कि 12 घंटे में हत्याकांड का खुलासा होने की उम्मींद है।

गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर ने लिया था गोद


गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर ने अमेठी के बरौलिया गांव को गोद लिया था। यही वजह रही कि गांव में कई करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए। विकास कार्यों की वजह से सुरेंद्र सिंह बहुत जल्द स्मृति ईरानी के काफी करीबी कार्यकर्ता बन गए।

 

 

Uttar Pradesh में लोकसभा चुनाव 2019 के बाद खून-खराबा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। चुनावी रंजिश में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की हत्याएं की जा रही हैं। शनिवार को गाजीपुर में सांसद अफजाल अंसारी के करीबी जिला पंचायत सदस्य की हत्या का मामला अभी पूरी तरह से ठंडा भी नहीं पड़ा था कि देर रात्रि अमेठी में BJP सांसद स्मृति ईरानी के बेहद करीबी BJP Worker सुरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दुस्साहसिक वारदात के बाद एरिया में भारी तनाव है। कई थानों की फोर्स को सुरक्षा के दृष्टिकोण से तैनात किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक स्मृति ईरानी की जीत के बाद शनिवार को सुरेंद्र ने जमकर जश्न मनाया।


[caption id="attachment_19518" align="aligncenter" width="532"] सुरेंद्र सिंह (पूर्व प्रधान बरौलिया गांव) (फाइल फोटो)[/caption]

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बरौलिया गांव का पूर्व प्रधान था सुरेंद्र सिंह


अमेठी में स्मृति ईरानी के चुनाव प्रचार में अक्सर उनके साथ दिखाई देने वाले BJP Worker सुरेंद्र सिंह बरौलिया गांव के पूर्व ग्राम प्रधान थे। सुरेंद्र सिंह स्मृति ईरानी की जीत का जश्न मनाकर घर लौटे थे। तभी कुछ अज्ञात बदमाश उनके घर पहुंचे और उन्हें गोली मार दी। फायरिंग सुन परिवार और मोहल्ले के लोगों ने हमलावरों को ललकारा लेकिन सभी हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले। परिवार के लोग गंभीर हालत में सुरेंद्र सिंह को ट्रामा लेकर गए लेकिन चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।

भारी तनाव के बाद पुलिस फोर्स तैनात


स्मृति ईरानी के करीबी कार्यकर्ता के मर्डर की खबर सुबह जब आसपास के गांवों में फैली तो हजारों की भीड़ जमा हो गई। तनाव और बवाल की आशंका के मद्देनजर अफसरों ने बरौलिया गांव में फोर्स तैनात की है। हत्या किसने और क्यों की ? इसका जवाब परिवार के लोग भी नहीं दे सके। फिलहाल पुलिस कई बिन्दुओं पर छानबीन कर रही है।

2019 चुनाव के बाद यूपी में कई हत्याएं


लोकसभा चुनाव 2019 में यूपी की पहली घटना रायबरेली जनपद में हुई। यहां कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह पर प्राणघातक हमला हुआ। कुछ देर बाद उसी जगह पर एक बाहुबली के करीबी की हत्या कर दी गई। दो दिन पहले फतेहपुर में देर रात को कांग्रेस समर्थक की गोली मारकर हत्या की गई। शनिवार को गाजीपुर में वर्तमान सांसद अफजाल अंसारी के करीबी जिला पंचायत सदस्य की गोली मारकर हत्या की गई। कुछ घंटों बाद अमेठी में स्मृति ईरानी के खास पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की हत्या के बाद अब सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

 

 
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Kanpur City के कलक्टरगंज थाना एरिया स्थित गुड़ मंडी में बनी 5 मंजिला इमारत में अलसुबह भीषण आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी भयावह थी कि महज कुछ मिनट में ही बिल्डिंग आग की लपटों के आगोश में आ गई। कई परिवारों के फंसे होने की बात कही जा रही है। मौके पर दमकल के जवानों के साथ लोकल फोर्स भी स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू में जुटी हुई है। SSP (Kanpur) अनंत देव त्रिपाठी समेत कई बड़े अफसर मौके पर मौजूद हैं। एसएसपी ने कहा कि पांच लोग जो बिल्डिंग में फंसे थे, सभी को सकुशल निकाल लिया गया है, किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।


https://twitter.com/ANINewsUP/status/1132109581969108998

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पांचवी मंजिल की ये इमारत गुड़ मंडी के निकट लकी होटल के पास है। बताया जा रहा है कि इमारत की ऊपरी मंजिल में कई परिवार रहते हैं, जो अभी भी फंसे हुए हैं। बिल्डिंग के निचले हिस्से में प्लास्टिक का गोदाम है। जिसकी वजह से आग विकराल होकर ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई।

https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1132132821550608385
फिलहाल राहत और बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं। दमकल की करीब आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर रेस्क्यू में जुटी हैं। समाचार लिखे जाने तक मौके पर कई बड़े अफसर भी पहुंच चुके हैं।

UPDATE---कलकेट्रगंज की गुड़ मंडी में स्थित एक पांच मंजिला इमारत में लगी आग और भी भयावह हो चुकी है। दमकल की करीब दर्जन भर गाड़ियां जब आग की लपटों को शांत नहीं कर सकीं तो अफसरों ने सेना को बुलाने की तैयारी कर ली। दो लोगों के इस अग्निकांड में झुलसने की खबर आ रही है। 70 साल के बुजुर्ग और बच्चों समेत कुल 7 लोगों की जिंदगी दमकल के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से बचा ली। दोपहर करीब एक बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका।

Kanpur में संडे की सुबह लूट के माल की रिकवरी कर वापस आ रही चकेरी पुलिस के अहिरवां चौकी इंचार्ज की सर्विस पिस्टल छीनकर भागे बदमाशों ने दरोगा और सिपाहियों पर गोलियां दाग दीं। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो 2 बदमाशों की टांग पर गोली लगी। बदमाशों के नीचे गिरते ही तीसरे ने सरेंडर कर दिया। Arrest  बदमाशों में दो Fatehpur के और एक Kanpur के बाबूपुरवा का निवासी है। खास बात ये है कि चकेरी पुलिस से ड्यूटी के दौरान सरकारी असलहा छीनने की ये कोई पहली वारदात नहीं है। इसके पहले भी दो वारदातें हो चुकी हैं। एक बार तो बदमाश AK-47 तक छीनकर फायरिंग कर चुके हैं।


[caption id="attachment_19503" align="alignnone" width="780"] चकेरी में पुलिस की गोली से घायल बदमाश।[/caption]

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गश्त के दौरान पुलिस ने पकड़े हाइ-वे के तीन लुटेरे


SP (East) राजकुमार अग्रवाल के मुताबिक शनिवार को पिकप में सवारी बनकर बैठे तीन लुटेरों ने मंगला बिहार के पास तमंचे के बल पर लूटपाट की। वारदात के बाद तीनों चलती गाड़ी से कूदकर भाग निकले। सूचना के बाद सक्रिय चकेरी पुलिस ने रूमा के पास तीनों लुटेरों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ के दौरान अपना नाम खजुहा बिंदकी निवासी राजा उर्फ मुन्ना शाह, बाबूपुरवा निवासी मोहम्मद चांद और पप्पू नेपाली बताया। तीनों ने कई वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।

[caption id="attachment_19504" align="alignnone" width="622"] चकेरी पुलिस की गोली से घायल दूसरा बदमाश।[/caption]

अहिरवां चौकी इंचार्ज की पिस्टल छीनकर भागे लुटेरे


पूछताछ के बाद पुलिस तीनों बदमाशों को लेकर लूट के सामान की बरामदगी कर वापस लौट रही थी। DMSRDE पुलिया के पास पुलिस की चीप खराब हो गई। सिपाही और दरोगा जीप में आई खराबी को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, इसी बीच बदमाशों ने अहिरवां चौकी इंचार्ज के कमर में लगी सर्विस पिस्टल छीन ली और भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा कर रुकने को कहा तो सभी ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया।

पुलिस ने क्रास फायरिंग की तो मोहम्मद चांद और मुन्ना शाह की टांग में गोली लगी। गोली लगते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। तीसरे बदमाश ने खुद ही सरेंडर कर दिया। मुठभेड़ की खबर मिलते ही कैंट सर्किल के सभी थानेदार मौके पर पहुंच गए। पुलिस की जीप से घायल बदमाशों को कांशीराम अस्पताल ले जाया गया। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों पर कई संगीन धाराओं में मुकदमें पहले से ही दर्ज हैं।


 

 
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Agra के Most Wanted अपराधी को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) ने Kanpur में Arrest कर लिया। 4 साल पहले लोहा कारोबारी के बेटे को अगवा करने के मामले में Wanted नसीम के सिर पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1129992987356860417

YOGESH TRIPATHI


4 साल से फरार था Wanted नसीम


STF (Kanpur Unit) के इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह के मुताबिक सर्विलांस सेल की सटीक सूचना के बाद शातिर को पकड़ने के लिए मुखबिरों का भी संजाल बिछाया गया। सटीक मुखबिरी के बाद घेराबंदी कर थाना शमशाबाद जनपद आगरा निवासी उमरदराज के लड़के नसीम को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में नसीम ने बताया कि साल 2015 में फिरौती के लिए आगरा के लोहा कारोबारी के 6 साल के बेटे प्रिंस को अगवा किया था। पुलिस ने कई दिन बाद प्रिंस (6) को झांसी जनपद से बरामद किया था। पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 445/15 पर IPC की धारा 363, 364 (A) के तहत शमशाबाद थाने में मुकदमा पंजीकृत किया था।

तत्कालीन CM ने दिया था पुलिस टीम को पांच लाख का इनाम


चार साल पहले जब प्रिंस का अपहरण किया गया था तब सपा की सरकार थी। इस कांड को लेकर आगरा पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। मामला गर्माया तो मुख्यमंत्री ने मातहतों को कड़े निर्देश दिए। कुछ दिन बाद पुलिस ने मासूम को झांसी जनपद से अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस की इस बड़ी कामयाबी पर अखिलेश यादव ने पुलिस टीम को 5 लाख रुपए का तब पुरस्कार दिया था। नसीम उसके बाद से फरार था और लंबे समय से कानपुर में छिपकर रह रहा था।

 

 

 

“कागज के चंद टुकड़ों” के लिए "बेरहम" और "निर्दयी" हो चुके खनन माफियाओं की तरफ से लगातार जारी अवैध खनन के “खेल” में बुन्देलखंड की केन नदी अब “नाला” में तब्दील हो चुकी है। UP Police के सिपाही और दरोगा दूरबीन से लैस होकर इस नदी की सुरक्षा में लगे हुए हैं। सवाल सिर्फ सुरक्षा का नहीं है बल्कि हजारों लाखों जीवन का है जो इस नदी के नाले में तब्दील होने के बाद कहां जाएंगे ? इस भयावह हालात को रोकने के लिए निश्चित तौर पर जिला प्रशासन के साथ-साथ Uttar Pradesh की Yogi Adityanath को भी संज्ञान में लेना होगा। साथ ही खनन माफियाओं पर कठोर कार्रवाई को भी सुनिश्चित करना होगा ताकि वो भविष्य में प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने की हिमाकत न करें।


[caption id="attachment_19493" align="alignnone" width="695"] बांदा में केन नदी की सुरक्षा व्यवस्था संभाले यूपी पुलिस का सिपाही दूरबीन से खनन माफियाओं के गुर्गों पर निगाह रखते हुए।[/caption]

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सोशल मीडिया पर Viral हो रहीं तस्वीर


सोशल मीडिया Twitter पर डिजिटल और ब्राडकास्ट जर्नलिस्ट अभय सिंह राठौर ने अपने ट्वीटर हैंडल से 4 फोटो ट्वीट करते हुए लिखा है कि “हाथों में तस्वीर लिए UP Police के ये जवान किसी बदमाश की तलाश नहीं कर रहे हैं बल्कि नाले में तब्दील हो चुकी केन नदी के पानी की रखवाली कर रहे हैं। दरअसल केन नदी की जलधारा को खनन माफियाओं ने रोक लिया था, जिसकी वजह से सैकड़ों गांवों में पानी का अकाल पड़ गया। ”

साभार----अभय सिंह राठौर Tweet


https://twitter.com/Abhay_journo/status/1129440347078004736

 

ग्रामीणों की शिकायत पर जिला प्रशासन Alert


Uttar Pradesh का बुन्देलखंड लंबे समय से सूखे की चपेट में है। यहां से हजारों की संख्या में किसान और बेरोजगार दूसरे प्रांतों में हर साल पलायन को मजबूर हो रहे हैं। पानी यहां की सबसे बड़ी समस्या है। खनन माफियाओं के दबंगई की वजह से पिछले कुछ महीने के दौरान केन नदी की जलधारा रुक गई। जिसकी वजह से सैकड़ों गांव के ग्रामीण पानी की किल्लत से जूझने लगे। खेती की फसल तक बर्बाद हो गई। शिकायत पर जिला प्रशासन ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया। उसके बाद यहां अवैध तरीके से होने वाले खनन को रोकने और पानी की जलधारा को माफिया न रोकें इसके लिए Alert जारी किया गया। जिसके बाद UP Police के सिपाही और दरोगा दूरबीन से लैस होकर केन नदी की प्रमुख जगहों पर निगरानी कर रहे हैं ताकि पानी के संकट से जूझ रहे सैकड़ों गांव के ग्रामीणों और मवेशियों की जिंदगी को बचाया जा सके।

कौन है अवैध खनन माफिया ?


यूं तो सूखा और भौगोलिक स्थितियों की वजह से बुन्देलखंड की आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। लेकिन यहां पर जो खनन माफिया हैं उनकी हमेशा पौं-बारह रहती है फिर सरकार चाहे जिसकी हो। बसपा, सपा और अब भाजपा इन सभी राजनीतिक दलों के सरकार में खनन माफिया और उनसे जुड़े लोग खूब फले-फूले। कई तो “माननीय” बन चुके हैं। कुछ के भाग्य इस बार लोकसभा के चुनाव में EVM में बंद हैं। जानकारों की मानें तो हर राजनीतिक दल के नेता यहां पर खनन के “खेल” में एक्सपर्ट हैं। कमाई का एक बड़ा हिस्सा लखनऊ के पंचम तल में बैठे अफसरों को भी हर महीने की निश्चित तारीख को पहुंचता है।

 

 

Uttar Pradesh के Fatehpur जनपद में फ्राइ-डे की सुबह एक सनसनीखेज वारदात से एरिया में दहशत फैल गई। सदर कोतवाली के तुराब अली का पुरवा में प्रेमी युगल के शव फांसी के फंदे से लटकते मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वीडियोग्राफी के बाद शवों को नीचे उतरवाया। ग्रामीण तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या के बिन्दु पर छानबीन कर रही हैं। वहीं कुछ लोग दबी जुबान से आनर किलिंग की बात भी कह रहे हैं। थानेदार का कहना है कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मालुम हो सकेगी। वहीं चर्चा इस बात की भी हो रही है कि प्रेमी युगल आधी रात को घर से भाग निकले। गांव के बाहर ही प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरा और फिर फांसी के फंदे से दोनों झूल गए।


[caption id="attachment_19488" align="alignnone" width="720"] प्रेमी युगल के शव पूरी तरह से जमीन को छू रहे थे इस लिए ग्रामीण आनर किलिंग की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।[/caption]

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एक रस्सी के दो छोर से बनाया "मौत का फंदा"


सदर कोतवाली क्षेत्र में तुराब अली का पुरवा में शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने युवक-युवती के शव पेड़ से लटके देखे। ये खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। खबर मिलते ही दोनों के परिजन भी मौके पर पहुंचे। प्रेमी की पहचान ननका के बेटे नीरज (23) निवासी तुराबअली का पुरवा और प्रेमिका की पहचान शीतला नगर निवासी मुन्ना की बेटी कोमल (21) के रूप में हुई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस भी पहुंची और वीडियोग्राफी कराने के बाद शवों को नीचे उतरवाया। तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद साफ है कि प्रेमी युगल ने खुदकुशी के लिए एक ही रस्सी का सहारा लिया। दोनों ने एक ही रस्सी के अलग-अलग छोर से फांसी लगाकर जान दी है। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों एक ही बिरादरी से ताल्लुक रखते थे।

https://twitter.com/redeyestimes/status/1129236914718949378

कुछ दिन पहले परिजनों ने की थी लड़के की पिटाई


युवक-युवती के प्रेम प्रसंग की जानकारी कुछ ही दिन पहले परिजनों को लगी थी। इस बात पर कोमल के परिजनों ने नीरज को फटकारने के साथ ही थप्पड़ भी मारा था। वहीं लड़के के घरवालों का कहना लड़की पक्ष शादी के लिए राजी नहीं थे। लड़के के परिजनों ने आनर किलिंग की आशंका जताई है। युवती की मांग में लगे सिंदूर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है। अब सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या दोनों ने काफी पहले शादी रचा ली थी ? या फिर गंधर्व विवाह के बाद खुदकुशी की ? प्रेमी युगल की मौत एरिया में चर्चा का विषय बनी है।

 

 

 

 
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President of India  रामनाथ कोविंद के Kanpur स्थित दयानंद बिहार आवास की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात UP Police के कांस्टेबल विकास सुधाकर की दबंग हमलावरों ने पिटाई कर दी। वारदात 9 May को हुई। Kanpur की कल्याणपुर पुलिस ने इस बड़े मामले में 4 दिन बाद नामजद FIR दर्ज की। तर्क ये दिया जा रहा है कि सूचना 13 तारीख को दी गई। www.redeyestimes.com (News Portal) के Tweet पर कल्याणपुर CO ने अपने बयान का Video जारी किया है। 


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1128211669631455232

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गुंडों ने तोड़ दी सिपाही की टांग


कल्याणपुर पुलिस को दी गई तहरीर में रिजर्व पुलिस लाइन (Kanpur) में तैनात कांस्टेबल विकास सुधाकर ने बताया कि वर्तमान समय में उसकी ड्यूटी महर्षि दयानंद बिहार स्थित महामहिम रामनाथ कोविंद के आवास पर है। 9 मई को वह किसी कार्य के सिलसिले में मंधना जा रहा था। रास्ते में ई-रिक्शा सवार तीन दबंग हमलावरों ने उसे रोक लिया। विकास सुधाकर का आरोप है कि तीनों ने बाइक से उतरते ही उसे पीटना शुरु कर दिया। लाठी-डंडे से पीटने के बाद हमलावरों ने उसे बेल्ट से भी पीटा। मारपीट में उसका पैर टूट गया। हमलावरों ने जाते समय धमकी देते हुए कहा कि थाने में रिपोर्ट लिखाई तो जान से हाथ धो दोगे। तुम्हारे जैसे बहुत पुलिस वाले देखे हैं।

https://twitter.com/redeyestimes/status/1128166706470379521

कल्याणपुर पुलिस ने 4 दिन बाद दर्ज की FIR


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आवास की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल विकास सुधाकर पर हुए हमले की रिपोर्ट पुलिस ने चार दिन बाद यानि 13 मई को दर्ज की। पुलिस ने नारामऊ निवासी ई-रिक्शा चालक दानिश और उसके दो दोस्तों के खिलाफ IPC की धारा 323,504,506,353,332 के तहत रिपोर्ट दर्ज की।

क्या कहते हैं CO कल्याणपुर ?


कल्याणपुर सर्किल के क्षेत्राधिकारी ने सोशल मीडिया Twitter पर एक Video पोस्ट करते हुए बयान जारी किया। सीओ का कहना है कि राष्ट्रपति महोदय के आवास पर गारद तैनात है। इसमें पुलिस लाइन का आरक्षी विकास सुधाकर तैनात है। उसने कल तहरीर दी है। जिस पर मुकदमा अपराध संख्या 410/19 पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी रिक्शा चालक दानिश को गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथियों की तलाश की जा रही है।

 

 

 

 
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Kanpur के हमीरपुर रोड स्थित नौबस्ता पुलिस चौकी के ठीक बगल में मंगलवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। चावल लदा ट्रक पलटने से सड़क किनारे सो रहे युवक और उसके दो पुत्रों की दर्दनाक मौत हो गई। जेसीबी और क्रेन के जरिए पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक हटवाने के बाद शवों को बाहर निकाला। इस दौरान कानपुर से हमीरपुर समेत तमाम जनपदों को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण जाम लगा रहा। एक अन्य हादसे में डीसीएम ने बच्ची को कुचल दिया, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आक्रोशित भीड़ ने चालक को पेड़ से बांधकर जमकर पिटाई की। बिधनू पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह चालक को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराया।


VIDEO---


https://twitter.com/redeyestimes/status/1128126955163934720

YOGESH TRIPATHI


मंगलवार सुबह 5 बजे Accident


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना मंगलवार सुबह 5 बजे हुई। यहां पर रहने वाले रिंकू तिवारी (35) लंबे समय से गुमटी में पान की दुकान खोले थे। इसी दुकान के जरिए वो परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। सुबह रिंकू अपने पुत्रों अभिषेक (18) और लक्ष्मी नारायण (10) के साथ गहरी नींद में सो रहे थे। तभी पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति का ट्रक पहुंचा। ट्रक पर चावल लदा था। चालक ने लापरवाही से गाड़ी को सड़क किनारे बने नाले पर चढ़ा दिया। जिसकी वजह से नाला धंस गया और ट्रक पलट गया। गुमटी के पास ही सो रहे रिंकू तिवारी और उनके दोनों बेटे नीचे दब गए। थोड़ी ही दूरी पर उनके भाई राकेश का परिवार था। हादसा देख सभी चीखने-चिल्लाने लगे। शोर-शराबा सुनकर नौबस्ता चौकी के सिपाही-दरोगा और स्थानीय लोग पहुंचे। चौकी इंचार्ज ने खबर पुलिस के बड़े अफसरों को दी।

https://twitter.com/igrangekanpur/status/1128142921230721024

जेसीबी-क्रेन की मदद से हटाया गया ट्रक


बड़े हादसे की खबर पर पहुंचे अफसरों ने जेसीबी और क्रेन की मदद से ट्रक को किसी तरह से हटवाने के काम किया। इस बीच कई एंबुलेंस को भी बुला लिया गया। काफी मशक्कत के बाद ट्रक को हटाया जा सका। ट्रक के हटते ही पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से पिता-पुत्रों के शवों को निकालकर पोस्टमार्टम हाउस भेजवा दिया।

https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1128143999267627009

पिता-पुत्रों को मौत खींचकर लाई घर


स्थानीय लोगों की मानें तो काल के गाल में समाए पिता-पुत्रों को मौत खींचकर लाई थी। बताया जा रहा है कि घर से थोड़ी दूरी पर मछरिया रोड स्थित साईं बाबा मंदिर में होने वाले वार्षिकोत्सव में सभी गए थे। दुर्घटना से थोड़ी ही देर पहले पिता-पुत्र पहुंचे और गुमटी के पास सो गए। कुछ मिनट बाद हादसा हो गया। गनीमत ये रही है कि रिंकू के भाई राकेश का परिवार थोड़ी दूरी पर था वर्ना वो सभी भी बड़े हादसे का शिकार हो जाते।

परिवार में पत्नी और विकलांग बेटा बचे


स्थानीय लोगों के मुताबिक रिंकू तिवारी पान की गुमटी से ही परिवार की जीविका चला रहा था। रिंकू और उसके दो बेटों की मौत के बाद अब परिवार में उसकी पत्नी और एक विकलांग बेटा बचे हैं। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग के साथ रहने के लिए आवास की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।

बिधनू में मासूम को ट्रक ने कुचला, मौत


बिधनू थाना एरिया में मंगलवार सुबह तेज रफ्तार डीसीएम गाड़ी ने दो साल की मासूम बच्ची को रौंद दिया। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। आक्रोशित भीड़ ने चालक को दबोच लिया और पेड़ से बांधने के बाद उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बामुश्किल चालक को किसी तरह भीड़ के चंगुल से बचाया।

 

 
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Kanpur का चर्चित DPS School (आजाद नगर) एक बार फिर से विवादों की सुर्खियों में है। स्कूल के एक टीचर पर नाबालिग बच्चे ने कुकर्म का आरोप लगाया है। स्कूल का प्रबंधतंत्र अपनी साख पर बट्टा लगता देख डैमेज को कंट्रोल करने में जुटा रहा लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। सोशल मीडिया में आरोपी शिक्षक की करतूत Viral होने के बाद अफसरों का दबाव पड़ने पर अंतत: कल्याणपुर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ FIR रजिस्टर्ड कर उसे Arrest कर लिया है।


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1127948869537488896

 YOGESH TRIPATHI


 मथुरा में तैनात अफसर का बेटा है छात्र


मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डीपीएस स्कूल के टीचर पर कुकर्म का आरोप लगाने वाले छात्र का परिवार कल्याणपुर के इंदिरा नगर में रहता है। पिता मथुरा में बड़े अधिकारी हैं। छात्र ने पुलिस को बताया कि टीचर ने कोचिंग पढ़ाने के लिए उसे घर पर बुलाया और अश्लील हरकतें करते हुए कुकर्म किया। छात्र ने घर पहुंच कर मामले की जानकारी परिवार के सदस्यों को दी। इसके बाद परिजनों ने शिकायत स्कूल के प्रबंधतंत्र से की। बताया जा रहा है कि स्कूल की साख पर बट्टा न लगे इस लिए प्रबंधतंत्र पूरे मामले को मैनेज करने में जुट गया। ये स्कूल कांग्रेस के दिग्गज नेता आलोक मिश्रा का है।

सोशल मीडिया में खबर Viral होने के बाद FIR


प्रबंधतंत्र जहां एक तरफ पूरे मामले को लोकल पुलिस के जरिए मैनेज करने में जुटा रहा तो दूसरी तरफ ये खबर सोशल मीडिया पर वॉयरल हो गई। Twitter पर ट्वीट के बाद कल्याणपुर पुलिस ने अंतत: अपनी भद्द बचाने के ले आरोपी शिक्षक के खिलाफ IPC की धारा 377/511/323/506 और 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत FIR रजिस्टर्ड की। कल्याणपुर इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी शिक्षक को Arrest कर लिया गया है।

 

 

Uttar Pradesh के बुन्देलखंड स्थित Hamirpur जनपद से बड़ी खबर आ रही है। 22 साल पुराने सामूहिक नरसंहार कांड में कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजीवन कारावास की सजा पाए  @BJP4India के MLA Chowkidar Ashok Chandel ने जिला जज (DJ Court) में सरेंडर कर दिया है। अदालत ने सभी को न्यायिक हिरासत में ले लिया है। गौरतलब है कि करीब 22 साल पहले अशोक चंदेल ने जरा सी बात पर दिनदहाड़े  अपने गुर्गों के साथ 5 लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियों से भून डाला था। मरने वालों में मासूम बच्चे भी थे।निचली अदालत ने इस मामले में सभी लोगों को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया था। इसके बाद पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। खास बात ये है कि निचली कोर्ट से आरोपितों को बरी करने वाले जज का भी कुछ साल पहले सस्पेंशन हो चुका है। वे भी पूरे प्रकरण में तमाम जांचों के बाद दोषी पाए गए थे।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1127847020113195008

Yogesh Tripathi


जिला जज की कोर्ट के बाहर समर्थक कर रहे हैं नारेबाजी


पांच लोगों की हत्या में हाईकोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर होने के बाद “अंडरग्राउंड” चल रहा बीजेपी का विधायक अशोक चंदेल सोमवार को काफी ठसक भरे अंदाज में जिला जज की अदालत सरेंडर करने पहुंचा। उसके साथ कई दर्जन वकील भी मौजूद रहे। इस दौरान जब कोर्ट ने अशोक चंदेल समेत सभी दोषियों को जब कस्टडी में लेने के आदेश दिया तो उसके समर्थक कोर्ट के बाहर नारेबाजी करने लगे।

[caption id="attachment_19326" align="alignnone" width="695"] एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ मिलाने के लिए अशोक चंदेल की तरफ बढ़ते हुए। फोटो साभार-अशोक चंदेल (facebook)[/caption]

अन्य दोषियों के साथ कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा विधायक


कोर्ट में भाजपा विधायक अशोक चंदेल, रघुवीर सिंह, पुत्र आशुतोष सिंह, नशीम और भान सिंह ने आत्मसमर्पण किया। बवाल की आशंका के मद्देनजर भारी पुलिस बल कोर्ट परिसर के चारो तरफ तैनात है। खबर आ रही है कि देर रात हमीरपुर की कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दोषी करार दिए गए उत्तम सिंह, प्रदीप सिंह और साहब सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद हत्या का दोषी भाजपा विधायक अशोक सिंह चंदेल घबरा गया। उसे अपनी भी गिरफ्तारी का खौफ दिखने लगा। सूत्रों की मानें तो सुबह होते-होते उसने वकीलों से संपर्क कर अचानक सरेंडर करने की योजना बना ली।

[caption id="attachment_19467" align="alignnone" width="734"] हमीरपुर जनपद में जिला जज की कोर्ट के बाहर नारेबाजी करते BJP विधायक अशोक सिंह चंदेल के समर्थक।[/caption]

सत्ता की ठसक के साथ सरेंडर करने पहुंचा विधायक


रस्सी जल गई लेकिन ऐंठन नहीं गई। इस कहावत को चरित्रार्थ करते हुए BJP का विधायक अशोक सिंह चंदेल (बेबी) ने सोमवार को एक बार फिर सत्ता की ठसक दिखाई। उसने खुल्लम-खुल्ला धारा 144 का उल्लंघन किया। सरेंडर करने से पहले उसने अपने समर्थकों को कोर्ट परिसर तक बुलवा लिया। जब ये विधायक सरेंडर करने पहुंचा तो उसके समर्थक नारेबाजी करने लगे। मानों विधायक ने कोई बहुत बड़ा नेकी का काम किया हो। खास बात ये रही कि सरेंडर की भनक पुलिस प्रशासन को भी आखिरी समय तक नहीं लग सकी। यही वजह रही कि हत्या के दोषी इस विधायक के समर्थक कोर्ट परिसर तक पहुंच गए। जो किसी भी समय बड़ा खतरा बन सकते थे।

उमा भारती ने किया था ज्वाइनिंग का विरोध


2017 विधान सभा चुनाव से पहले अशोक सिंह चंदेल ने बीजेपी ज्वाइन की। उसे टिकट भी मिला और वो चुनाव भी जीता। भाजपा के एक बड़े नेता ने www.redeyestimes.com (News Portal) से बातचीत में बताया कि ज्वाइनिंग से पहले उमा भारती समेत कई बड़े नेताओं ने लोकल नेताओं की रिपोर्ट के आधार पर विरोध करते हुए अशोक चंदेल को अपराधिक प्रवृत्ति का बताकर हाईकमान तक विरोध जताया था लेकिन संगठन के एक बड़े पदाधिकारी ने अटैची का प्रबंध होते ही अशोक चंदेल को बीजेपी ज्वाइन करवा दी। सिर्फ ज्वाइनिंग ही नहीं एक बड़े कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री से सार्वजनिक मुलाकात भी करवाई गई। चुनाव जीतने के बाद हत्या का दोषी विधायक प्रदेश के दो ताकतवर मंत्रियों का भी काफी करीबी रहा। यही वजह है कि अब भाजपा की फजीहत हो रही है।

 

 

 

 

 

एक छोटे से कस्बे या फिर गांव में जन्म लेने के बाद बच्चा जब पढ़ाई करते हुए आगे बढ़ता है तो माता-पिता का सपना होता है कि उनका नौनिहाल IAS, IPS, MBBS, B-Tech, IIT जैसी परीक्षाओं को पास कर उनका नाम रोशन करे। अपने सपनों को साकार करने के लिए गरीब वर्ग के माता-पिता दिन-रात मेहनत मजदूरी कर जोड़ी गई मेहनत की पूंजी बच्चों का भविष्य संवारने में लगा देते हैं। कई बार देखा गया है कि अभिभावक खेत-खलिहान तक बेंच देते हैं। शहरों में तो प्राइवेट जॉब करने वाले कई अभिभावक लाखों रुपए का लोन लेकर इन कोचिंग की फीस भरते हैं लेकिन “हैवानों की खाल” ओढ़ चुके शहर के कुछ “कलयुगी द्रोणाचार्य” इन्हें अपनी मक्कारी से शिकार बना डालते हैं। एक पल में उन अभिभावकों के सपनों को चूर-चूर कर डालते हैं जो वे कई साल से देखते चले आ रहे होते हैं।



https://twitter.com/redeyestimes/status/1127498475158036480

www.redeyestimes.com (News Portal) की यह विशेष रिपोर्ट उन अभिभावकों के लिए है जो मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह से अपने नौनिहालों को “द्रोणाचार्यों” के जरिए “कामर्शियल गुरुओं” की कोचिंग में भेजते हैं। News Portal सभी सुधी पाठकों को (Alert) आगाह करता है कि अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने से पहले कोचिंग संस्थानों के बारे में भी बेहद बारीकी से जानकारी करें। साथ ही स्कूलों के द्रोणाचार्यों से भी Alert रहें, ये आपके मेहनत की कमाई पर सीधे-सीधे “डाका” डालने का काम करते हैं। खास बात ये है कि इनकी काली करतूतों पर पर्दा डालने का काम शहर के कुछ प्रतिष्ठित अखबार भी करते हैं। उसके पीछे की वजह ये है कि ये "कामर्शियल गुरु" विज्ञापन एजेसियों के जरिए इन अखबार के मालिकों को साल में एक-दो लाख का नहीं बल्कि 25 से 50 लाख रुपए के विज्ञापन का पैकेज देते हैं। कुछ पत्रकारों के करीबियों को कोचिंग में फ्री का पैकेज भी मिलता है। ये सबकुछ इनके काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिए पर्याप्त है।



 YOGESH TRIPATHI


 दलाली के खेल में किया गया कोचिंग संचालक पर कातिलाना हमला


काकादेव की कोचिंग मंडी में ओमेगा कोचिंग क्लासेज के संचालक के.के गुप्ता पर दबंग शिक्षक अभिषेक दुबौलिया और रोहित अवस्थी की तरफ से किए गए हमले के पीछे की मुख्य वजह दलाली बताई जा रही है। www.redeyestimes.com (News Portal) को बड़े और विश्वस्त्र सूत्रों से जो जानकारियां मिली हैं उसके मुताबिक कई प्रमुख स्कूलों के टीचर अब पूरी तरह से “दलाली के खेल” में शामिल हैं। एक छात्र-छात्रा का कोचिंग में प्रवेश दिलवाने के बदले “कलयुग” के इन “द्रोणाचार्यों” को बड़ी मोटी रकम मिलती है। खबर है कि डीजी क्लासेज के संचालक दिलीप गंगवार हो या फिर रोहित अवस्थी ये लोग एक प्रवेश के बदले 30 हजार रुपए की दलाली “कलयुग के द्रोणाचार्यों” को देते थे। केके गुप्ता ने जब ओमेगा क्लासेज की नींव डाली तो उन्होंने अपने दलालों को स्थापित करने के बजाय रोहित और दिलीप के दलालों को टॉरगेट कर लिया। सूत्रों की मानें तो के.के गुप्ता ने 30 के बदले 40 हजार रुपए की दलाली हाल के दिनों में देनी शुरु कर दी। बस यहीं से के.के गुप्ता की कोचिंग में छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ हो गई। अंत में यही के.के गुप्ता पर हमले की वजह भी बनी। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर Viral है।

 South City के इन प्रमुख स्कूलों के द्रोणाचार्य लेते हैं मोटी दलाली   


कानपुर के दक्षिण एरिया में कई प्रमुख और बड़े स्कूलों का संचालन होता है। इनमें प्रमुख हैं मदर टेरेसा, मर्सी मेमोरियल, वीरेंद्र स्वरूप (गोविंदनगर)और सेंट थामस। इन स्कूलों में प्रवेश के लिए भी खूब मारामारी होती है। www.redeyestimes.com (News Portal) के पास जो अहम जानकारियां हैं उसके मुताबिक इन स्कूलों में लंबे समय से जमे कई शिक्षक अब “कलयुग के द्रोणाचार्य” बन चुके हैं। इन “द्रोणाचर्यों” ने काकादेव कोचिंग मंडी में “कामर्शियल गुरु” के नाम से कुख्यात कोचिंग संचालकों से तगड़ी सेटिंग कर रखी है। छात्र-छात्राओं से लेकर उनके परिजनों तक को बरगलाने में एक्सपर्ट इन “द्रोणाचार्यों” को कमीशन काकादेव कोचिंग मंडी का करीब-करीब हर “कामर्शियल गुरु” देता है। लेकिन जहां पर कमीशन मोटा होता है ये “द्रोणाचार्य” अपने करीबी छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाते हैं। यही वजह है कि “कामर्शियल गुरुओं” ने “द्रोणाचार्यों” के साथ मिलकर शिक्षा का पूरी तरह से व्यवसायीकरण कर दिया है। सामान्य जीवन जीने वाला इंसान अपने जिगर के टुकड़ों को इन कोचिंग में पढ़ाने की सोच भी नहीं पाता है।

Kakadev में अभी और बढ़ेगी कोचिंग संचालकों के बीच रार


कोचिंग हब बन चुके काकादेव में ओमेगा कोचिंग क्लासेज के संचालक के.के गुप्ता कुछ घंटा पहले कोचिंग मंडी के ही कुछ दबंग शिक्षकों ने अपने बाउंसर के साथ हमला किया। ये पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। इस घटनाक्रम को पुलिस काफी हल्के में ले रही है। लेकिन पोर्टल के पास जो खबर है उसके मुताबिक अभी “रार” और भी बढ़ेगी। उसके पीछे की वजह “मोटी कमाई” बताई जा रही है, जिसे कोई भी आसानी से छोड़ना नहीं चाह रहा है।

विशेष----News Portal के पास जो जानकारी है उसके मुताबिक संडे की शाम को ओमेगा कोचिंग क्लासेज के संचालक के.के गुप्ता हमलावरों की कोचिंग के बाहर धरना देने की योजना बना चुके हैं। इसमें उनके कुछ समर्थक भी शामिल होंगे। ऐसे में टकराव की नौबत बन सकती है। हालांकि इसकी भनक न तो Kanpur Police के बड़े अफसरों को है और न ही लोकल पुलिस या खुफिया को।


कौन है अभिषेक दुबौलिया ?


अभी कुछ महीना पहले की घटना है। शाम को फिजिक्स के टीचर अभिषेक दुबौलिया को गोली मार दी गई थी। हालांकि गोली उनको रगड़ती हुई निकल गई थी। इस संदिग्ध गोली कांड में अभिषेक दुबौलिया ने रंजिशन अपने विरोधी कोचिंग संचालक को जबरन फंसाने के लिए पूरा “चक्रव्यूह” रचा लेकिन कुछ खास सफलता नहीं मिली। अभिषेक दुबौलिया के बारे में बताया जाता है कि कभी वो काकादेव कोचिंग मंडी के पुराने “बादशाह” राज कुशवाहा की कोचिंग में पढ़ाता था। वो दिल्ली में भी पढ़ा चुका है। विगत कई साल से वो काकादेव में फिजिक्स की कोचिंग संचालित कर रहा है।

सुधी पाठकों से अपील है कि कोचिंग मंडी, यहां के दबंग संचालकों, अपराधियों और नेताओं के कनेक्शन से जुड़े यदि कोई साक्ष्य या जानकारी हो तो आप सभी पोर्टल से शेयर कर सकते हैं। आप की तरफ से दी जाने वाली जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। आप हमसे redeyestimes@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।


 

Uttar Pradesh के Fatehpur जनपद स्थित जिला कलेक्ट्रेट परिसर शुक्रवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला केरोसिन लेकर आत्मदाह करने पहुंच गई। महिला इंस्पेक्टर और सिपाहियों ने किसी तरह महिला के हाथ से ज्वलनशील पदार्थ को छीना। पीड़िता का आरोप है कि शादी का झांसा देकर Kanpur (GRP) में तैनात सिपाही यूसुफ सिद्दीकी ने उसका यौन शोषण किया। ये सिपाही पहले फतेहपुर जनपद में तैनात था। पीड़िता का आरोप है कि थानेदार से लेकर सीओ तक सिपाही के पक्ष में खड़े हैं, उसे न्याय नहीं मिल रहा है। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता को ही हिरासत में ले लिया है। पुलिस कस्टडी में महिला चीखती-चिल्लाती रही कि “मुझे न्याय चाहिए और कुछ नहीं, यहीं पर चाहिए.....”


[caption id="attachment_19454" align="alignnone" width="695"] फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह का प्रयास करने वाली पीड़ित महिला को महिला थाने ले जाती पुलिस।[/caption]

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पहले फतेहपुर में तैनात था सिपाही यूसुफ सिद्दीकी


Kanpur (GRP) में तैनात सिपाही यूसुफ सिद्दीकी पहले फतेहपुर जनपद में तैनात था। पीड़िता का आरोप है कि तैनाती के दौरान यूसुफ ने उससे जबरन शारीरिक संबध बनाए। विरोध पर उसने शादी का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि कई महीने तक वो बराबर उसका यौन शोषण करता रहा। इस बीच पीड़िता ने जब शादी का दबाव बनाया तो वो मुकर गया। इसी बीच उसका तबादला कानपुर में हो गया। महिला ने शिकायत थाना पुलिस और चौकी में की। आरोप है कि कार्रवाई के बजाय पुलिस आरोपी सिपाही की पैरोकारी में जुट गई। थानेदार से लेकर सीओ तक पीड़िता को धमकाते रहे।

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आत्मदाह करने शुक्रवार दोपहर पहुंची पीड़ित महिला


शुक्रवार दोपहर को पीड़ित महिला केरोसिन लेकर आत्मदाह करने जिला कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गई। डीएम ऑफिस के पास एक पेड़ के नीचे वो ज्वलनशील पदार्थ निकाल रही थी तभी किसी ने सूचना पुलिस को दे दी। सूचना पर महिला इंस्पेक्टर फोर्स पहुंची और महिला के हाथों से ज्वलनशील पदार्थ जबरन छीनने लगीं। इस बीच महिला बार-बार विरोध कर चीखती-चिल्लाती रही। पीड़िता ने चीख-चीख कर कहा कि “उसे न्याय नहीं मिल रहा है, न्याय चाहिए।” बड़ी मुश्किल से महिला सिपाही उसके हाथ से केरोसिन छीन सकीं।

पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया


किसी तरह केरोसिन छीनने के बाद महिला सिपाही पीड़िता को गाड़ी में लेकर वहां से चलीं गईं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पीड़ित महिला को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ खुदकुशी के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्राधिकारी के.डी मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।

 

 

12 घंटे के दौरान Murder की दो बड़ी दुस्साहसिक वारदातों से Kanpur City थर्रा उठी। पहली वारदात Mid-Night शहर के पॉश एरिया स्वरूप नगर में हुई। जहां थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर युवक की बेरहमी से हत्या बेखौफ कातिलों ने कर दी। पुलिस इस मर्डर केस की गुत्थी पूरी तरह से अभी सुलझा भी नहीं पाई थी कि South City के नौबस्ता में प्रापर्टी डीलर का कत्ल हो गया। प्रापर्टी डीलर का शव बेडरूम में गुरुवार सुबह पड़ा मिला। परिवार के लोग लूटपाट के बाद हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक SSP (Kanpur Nagar) अनंत देव त्रिपाठी भी पहुंच गए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रापर्टी डीलर प्रहलाद सिंह पाल (55) का प्रापर्टी को लेकर परिवार के लोगों से ही पुराना विवाद था। हत्या में करीबी के शामिल होने का शक पुलिस को है। कई बिन्दुओं पर छानबीन की जा रही है। जल्द ही कातिलों को Arrest कर लिया जाएगा।


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1126385885182713856

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हंसपुरम चौकी के रमन बिहार कालोनी में दुस्साहसिक वारदात


रोंगटे खड़ी कर देने वाली यह वारदात नौबस्ता थाना एरिया के रमन बिहार कॉलोनी की है। यहां प्रापर्टी डीलर प्रहलाद सिंह परिवार के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि प्रहलाद की पत्नी प्रिया प्यारी (48) रिश्तेदार के घर तेरहवीं में गईं थीं। घर पर प्रहलाद सिंह अकेले थे। सुबह प्रहलाद का शव बेडरूम के अंदर रक्तरंजित हालत में पड़ा मिला। कमरे के अंदर अलमारी का ताला टूटा था। परिजनों का कहना है कि ज्वैलरी, नकदी और आवश्यक कागजात गायब हैं। परिजनों ने लूटपाट के बाद हत्या की आशंका जताई है। मौके पर पहुंचे SSP (Kanpur Nagar) अनंत देव त्रिपाठी ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका है। प्रापर्टी को लेकर परिवार के कुछ लोगों से विवाद था। श्रीत्रिपाठी ने कहा कि कई बिन्दुओं पर छानबीन की जा रही है।

मर्डर में करीबी के शामिल होने की आशंका


मौका-ए-वारदात पर पहुंचे नौबस्ता थानेदार समर बहादुर सिंह का कहना है कि प्रहलाद सिंह पाल (55) के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। शरीर पर कुछ जाहिरा चोट के निशान मिले हैं। इंस्पेक्टर का कहना है कि निश्चित तौर पर इस वारदात में परिवार का बेहद करीबी व्यक्ति शामिल रहा होगा। जिसे घर के हर कोने की बारीकी से जानकारी थी। उन्होंने कहा कि कई बिन्दुओं पर छानबीन की जा रही है।

[caption id="attachment_19450" align="aligncenter" width="532"] बुधवार देर रात स्वरूप नगर थाने के पास प्रिंस नाम के युवक की कातिलों ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी।[/caption]

Mid-Night थाने के पास युवक की हत्या से सनसनी


मर्डर की पहली वारदात बुधवार/गुरुवार की मध्य रात्रि प्रिंस और शिवा नाम के दो युवकों को चार हमलावरों ने घेर लिया। मोबाइल पर बातचीत के बाद हमलावरों ने दोनों की बेरहमी से पिटाई की। हमले में प्रिंस नाम के युवक की जान चली गई और शिवा घायल हो गया। देर रात सनसनीखेज वारदात के बाद एरिया में दहशत फैल गई। पुलिस ने तहरीर पर चार युवकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया है।

https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1126372932584796161

 

 
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Gujrat की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। जूनागढ़ स्थित बोटाड के जंगलों से ATS की महिला ब्रिगेड ने अल्लारखा जुसब नाम के एक खूंखार अपराधी को Arrest किया है। इस Most Wanted अपराधी को पकड़ने के लिए ATS के 4 महिला अफसरों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।


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Gujrat प्रांत की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने जूनागढ़ स्थित बोटाड के जंगलों से अल्लारखा जुसब नाम के Most Wanted अपराधी को धर दबोचा। इस अपराधी को चार महिला अफसरों की टीम ने पकड़ा। ये लंबे समय से गुजरात की जनता और पुलिस के लिए सिरदर्द बना था।

ATS की तरफ से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि ये अपराधी लूट, हत्या, फिरौती लैंड ग्रेबिंग और चोरी समेत करीब दो दर्जन मामलों में शामिल रहा है। अल्लारखा जुसब जूनागढ़ के लोगों और पुलिस के लिए खासा सिरदर्द बना था। इसकी गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।


जूनागढ़ जिले का रहने वाला जूसब पिछले साल जून में पैरोल पे छूटा था। पेरोल पर छूटने के बाद वो फरार हो गया। फरारी के दौरान उसने हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम दिया। लोकल पुलिस इस खूंखार अपराधी के पास तक नहीं फटक पा रही थी। ये खतरनाक अपराधी वारदात के बाद जूनागढ़ के जंगलों में भाग जाता था। जिसके बाद ये जिम्मेदारी ATS की महिला ब्रिगेड को सौंपी गई।

उल्लेखनीय है कि महिला PSI की एक टीम को हाल ही में ATS में शामिल किया गया है। अपराधी को Arrest करने वाली महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर्स के नाम है- संतोजबेन ओडेडरा, नितिमिका गोहिल, अरुणाबेन गामिती और शकुन्तला मल।


 

 

Lok Sabha Election 2019 के पांचवे चरण की वोटिंग में सिर्फ कुछ घंटे ही शेष बचे हैं। Kanpur के पड़ोसी जनपद Fatehpur में भी चुनावी शोर थम चुका है। अब बारी जनता की है, जो मंडे को “वोट की चोट” करेगी। यहां मुख्य मुकाबला SP-BSP (MGB) प्रत्याशी सुखदेव प्रसाद वर्मा और BJP प्रत्याशी साध्वी निरंजन ज्योति के बीच है। Congress प्रत्याशी राकेश सचान चुनाव को त्रिकोणीय बनाते हुए शुरु में नजर आए लेकिन मतदान की तारीख आते-आते वे काफी पीछे हो चुके हैं। BJP प्रत्याशी के लिए दो “माननीय” पूरी तरह से “जयचंद्र” का रोल निभा रहे हैं। जानकारों की मानें तो प्रत्याशी को लेकर भी मतदाताओं के एक बड़े वर्ग में खासी नाराजगी है। जिसकी वजह से महागठबंधन (MGB) सुखदेव प्रसाद वर्मा को सीधा एडवांटेज मिल रहा है। BSP के पूर्व विधायक आदित्य पांडेय की वजह से गठबंधन प्रत्याशी ब्राम्हण वोट बैंक में भी तगड़ी सेंधमारी कर रहे हैं। पिछले 48 घंटे के दौरान यहां भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में UPCM योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जनसभाएं कीं। दोनों ही जनसभा करीब-करीब फ्लाप शो साबित हुईं। दोनों ही सभा में दो से तीन हजार के बीच ही भीड़ जमा हुई। जिसकी वजह से BJP संगठन के दिग्गज सकते में हैं।


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[caption id="attachment_19441" align="alignnone" width="695"] समर्थकों के साथ जनसंपर्क करतीं बीजेपी प्रत्याशी साध्वी निरंजन ज्योति।[/caption]

साध्वी के लिए बहुत कठिन है डगर पनघट की”


2014 की मोदी लहर में प्रचंड जीत हासिल करने वाले केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के लिए दोबारा ये सीट जीतना आसान नहीं है। उनकी राह में कांटे ही कांटे हैं। भाजपा के दो “माननीय” अब पूरी तरह से “जयचंद्र” बन चुके हैं। दोनों ही खुल्लम-खुल्ला विरोध कर रहे हैं। एक “जयचंद्र” के पास युवाओं की बड़ी टीम है, जो अंदर ही अंदर बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ लामबंद है। रही सही कसर बसपा के पूर्व विधायक आदित्य पांडेय पूरी कर रहे हैं। जानकारों की मानें तो आदित्य पांडेय सिर्फ ब्राम्हणों के बीच ही लाबिंग कर रहे हैं। उनकी छवि जनपद में ब्राम्हण नेता के तौर पर है। माना जा रहा है कि उनकी वजह से ब्राम्हण मतदाताओं के एक बड़े हिस्से में गठबंधन प्रत्याशी तगड़ी सेंधमारी कर सकते हैं।

बीजेपी प्रत्याशी को लेकर भी है तगड़ा रोष


जानकारों की मानें तो पूरे पांच साल के दौरान साध्वी निरंजन ज्योति ने एक भी ऐसी सौगात जनपद को नहीं दी है जिसे वो जनता के बीच दंभ भरकर बता सकें। चुनाव की शुरुआत होते ही वो मीडिया में कवरेज पाने के लिए खेतों में गेंहू काटते हुए सबसे पहले दिखाई दीं। इसके बाद एक चौराहे पर वे चाट बनाती दिखीं। जनता को रिझाने की हरसंभव कोशिश में जुटी साध्वी निरंजन एक घर पहुंची और वहां रसोई में बैठकर खाना पकाने लगीं। बस यहीं उन्होंने “सेल्फ गोल” भी कर लिया। वे चूल्हे पर भोजन पकाती नजर आईं। जबकि मोदी और भाजपा के बड़े नेता ये दावे कर रहे हैं लाखों घरों में उन्होंने उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिए हैं। अंदर की बात ये है कि साध्वी को लेकर बीजेपी का वोटर्स बड़ी संख्या में नाराज है। उसकी वजह ये भी एक है कि वे पूरे पांच साल कुछ खास किस्म के लोगों से न सिर्फ घिरी रहीं बल्कि खांटी के कार्यकर्ताओं को तरजीह तक नहीं दी।

[caption id="attachment_19440" align="alignnone" width="712"] फतेहपुर में जनसंपर्क करते सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी सुखदेव वर्मा।[/caption]

इस लिए मजबूत है MGB प्रत्याशी के चुनाव का "समीकरण"


SP-BSP (MGB) ने दो बार विधायक रह चुके सुखदेव प्रसाद वर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। मुस्लिम, यादव के साथ-साथ अब उनको कुर्मी वोट की भी ताकत मिलती नजर आ रही है। खबर है कि वोटों का बिखराव न हो इस लिए कुर्मी वोट अब महागठबंधन प्रत्याशी की तरफ काफी हद तक झुक चुका है। जिसकी वजह से सुखदेव प्रसाद वर्मा का चुनाव मजबूत है। कांग्रेस प्रत्याशी राकेश सचान शुरुआती दौर में काफी मजबूत दिख रहे थे लेकिन वोटों का बिखराव देख मुस्लिम, यादव, कुर्मी के साथ कई अन्य जातियों का झुकाव भी अब महागठबंधन प्रत्याशी की तरफ हो चुका है। आदित्य पांडेय लगातार ब्राम्हणों के बीच में मीटिंग कर रहे हैं। जानकारों की मानें तो इसका बड़ा लाभ सुखदेव प्रसाद वर्मा को मिलेगा।

[caption id="attachment_18966" align="alignnone" width="695"] कांग्रेस के नेशनल प्रेसीडेंट राहुल गांधी, जनरल सेकेट्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियंका गांधी के साथ मौजूद फतेहपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी राकेश सचान।[/caption]

2014 लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों को मिले वोटों का प्रतिशत


पिछले चार लोकसभा चुनावों की यदि बात की जाए तो कांग्रेस प्रत्याशी इस सीट पर एक लाख वोटों का आंकड़ा नहीं छू पाए। 2014 में कांग्रेस प्रत्याशी ने करीब 4.4 प्रतिशत वोट के साथ 46550 वोट हासिल किए थे। तीसरे नंबर पर तब सपा प्रत्याशी राकेश सचान थे। राकेश सचान को करीब 16.99 प्रतिशत के साथ 179590 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर बसपा प्रत्याशी नसीमुद्दीन के लड़के थे। उन्हें तब 28.27 प्रतिशत के साथ 298788 वोट मिले थे। चुनाव जीतने वाली बीजेपी प्रत्याशी साध्वी निरंजन ज्योति ने तब सर्वाधिक 45.92 प्रतिशत के साथ 485360 मत हासिल किया था। साध्वी को जहानाबाद विधान सभा में सर्वाधिक 102192 वोट मिले थे, बिंदकी में 91229, फतेहपुर सदर में 84786, अयाह-शाह विधान सभा में 75370, हुसैनगंज विधान सभा में 57946, खागा में 73777 वोट मिले थे। इसमें हुसैनगंज का मुकाबला कांटे का था। यहां बसपा प्रत्याशी को 49794 वोट मिले थे।

नोट--- वोट प्रतिशत का यदि तुलानात्मक अध्यन करें तो सपा-बसपा गठबंधन के मतों को जोड़ने पर प्रतिशत 45.26 बैठता है। जो कि 2014 में मिले साध्वी के मतों के प्रतिशत 45.92 से .66 प्रतिशत कम ही है। लेकिन वर्तमान हालात, जातिगत समीकरण, मोदी के विरोध में थोड़ी सी हवा, कुछ प्रत्याशी का विरोध और सबसे बड़े “जयचंद्र” ये सभी भाजपा प्रत्याशी का “चुनावी समीकरण” बिगाड़ने के लिए पर्याप्त है। जानकारों की मानें तो यदि मतदान का प्रतिशत कम रहा तो सीधा लाभ गठबंधन प्रत्याशी के ही पक्ष में जाएगा।


 
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UP Police के DGP ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि “Uttar Pradesh में बेहद शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से लोकसभा 2019 का चुनाव संपन्न करवाया जा रहा है”। चार चरण के मतदान हो चुके हैं। पांचवे, छठवें और सातवें चरण में भी उम्मींद है कि चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न होंगे”। श्री सिंह कानपुर के किदवईनगर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।


https://twitter.com/redeyestimes/status/1124639632367521793

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तेरहवीं के कार्यक्रम में पहुंचे DGP


पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह के करीबी के तेरहवीं संस्कार में शामिल होने के लिए कानपुर के किदवईनगर एरिया में पहुंचे। कार्यक्रम से वापस लौटते समय मीडिया के साथ बातचीत में DGP ने कहा कि “UP में बेहद शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से चार चरणों का चुनाव हुआ है। आगे के चरणों में भी इसी तरह से चुनाव कराने के लिए वो कटिबद्ध हैं। हर संभव कोशिश की जा रही है कि चुनाव शांतिपूर्वक हों।

श्रीसिंह ने कहा कि इस दौरान बड़े पैमाने पर करेंसी को भी जब्त किया गया है। गोल्ड और सिल्वर की रिकवरी करने के साथ जहां आवश्यकता पड़ी वहां पर इनकम टैक्स और ED डिपार्टमेंट की भी मदद ली गई। डीजीपी के आने की सूचना पर स्थानीय पुलिस के तमाम बड़े अफसर मौके पर पहुंचे। करीब 20 मिनट के बाद ओमप्रकाश सिंह लखनऊ के लिए रवाना हो गए।


 

 

 

Lok Sabha Election 2019 के पांचवे चरण की वोटिंग से ठीक तीन दिन पहले Bihar के बाहुबली माफिया डॉन राजन तिवारी की BJP में एंट्री हो गई। बिहार के गवर्नर लालजी टंडन के बेटे आशुतोष टंडन की मौजूदगी में इस माफिया डॉन ने बीजेपी ज्वाइन की। आशुतोष टंडन UP की Yogi सरकार में Minister हैं। राजन तिवारी के भाजपा में आने के कई मतलब निकाले जा रहे हैं। जो निकट भविष्य में देखने को साफ तौर पर मिलेगा। www.redeyestimes.com (News Portal) के पास सूत्रों से जो जानकारियां हैं उसके मुताबिक BJP राजन तिवारी को शामिल कर "एक तीर से कई शिकार" करने के मूड में है। राजन तिवारी संतकबीर नगर में "जूताकांड" करने वाले सांसद शरद त्रिपाठी के बेहद खास हैं। यूपी में "राजनैतिक छतरी" तलाश रहे राजन तिवारी ने पिछले दो महीने के दौरान 4 राजनीतिक दलों को ज्वाइन किया। सोशल मीडिया Twitter पर तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। किसी ने लिखा, “राजन तिवारी BJP के “गंगाजल” में पवित्र हो गए”। एक यूजर्स ने लिखा है कि अंतत: “Big-Boss” के घर में एंट्री पा गए राजन तिवारी। ये सबसे सुरक्षित घर है राजन के लिए। खास बात ये है कि राजन तिवारी अभी महज कुछ महीने पहले तक BJP के नेशनल प्रेसीडेंट अमित शाह को facebook पर “तड़ीपार” कहकर संबोधित करते थे, सवाल ये है कि क्या राजन तिवारी को अमित शाह की “कृपा” मिल पाएगी या फिर .....?


[caption id="attachment_19431" align="alignnone" width="555"] बात अभी कुछ महीना पहले ही की है जब राजन तिवारी बीजेपी के नेशनल प्रेसीडेंट अमित शाह को अपने फेसबुक पेज पर "तड़ीपार" लिखते थे।[/caption]

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कौन है राजन तिवारी ?


पूर्वांचल के गोरखपुर जनपद स्थित सोहगौरा गांव निवासी राजन तिवारी की प्राइमरी तक की शिक्षा इसी गांव के सरकारी स्कूल में हुई है। परिवार के करीब-करीब सभी सदस्य पैतृक घर में ही रहते हैं। राजन तिवारी को बेहद करीब से जानने वालों की मानें तो जवानी में कदम बहके तो राजन तिवारी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जान-अनजाने में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले राजन तिवारी के नाम से बिहार और यूपी के छोटे-बड़े अपराधी कांपने लगते हैं। रसूख इतना बड़ा है कि एक ही रंग की सैकड़ों लग्जरी गाड़ियों का काफिला लेकर यह अंडरवर्ल्ड डॉन जब निकलता है तो लोगों की आंखे फटी की फटी रह जाती हैं। इसकी सुरक्षा में अत्याधुनिक असलहों से लैस होकर चलने वाले “अपनो” की एक बड़ी फौज है।

[caption id="attachment_19432" align="aligncenter" width="618"] राजन तिवारी की ये फोटो गूगल से ली गई है।[/caption]

90 के दशक में श्रीप्रकाश शुक्ला गैंग में की थी एंट्री


श्रीप्रकाश शुक्ला नब्बे के दशक में आतंक का पर्याय था। तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के मर्डर की सुपारी लेने वाले श्रीप्रकाश शुक्ला को ढेर करने के लिए उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) का गठन किया गया था। इसी दौर में राजन तिवारी श्रीप्रकाश शुक्ला के संपर्क में आया। श्रीप्रकाश शुक्ला की छतरी के नीचे उसने तमाम घटनाओं को अंजाम दिया। देखते ही देखते राजन तिवारी थोड़े ही समय में श्रीप्रकाश शुक्ला का “Left Hand” कहलाने लगा था। यूपी पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके ये खूंखार अपराधी तब के समय में Most Wanted थे। सूबे की पुलिस हाथ धोकर श्रीप्रकाश और उसके गिरोह के पीछे पड़ी तो राजन तिवारी Bihar भाग गया। श्रीप्रकाश को STF ने ढेर कर दिया। लंबे समय तक अंडरग्राउंड रहने के बाद राजन तिवारी ने बिहार में अपना गिरोह खड़ा कर लिया।

[caption id="attachment_19433" align="alignnone" width="720"] यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन की मौजूदगी में भाजपा ज्वाइन करने के बाद मीडिया के सामने राजन तिवारी।[/caption]

वीरेंद्र शाही पर किया था प्राणघातक हमला


सूबे के महाराजगंज जनपद की लक्ष्मीपुर विधान सभा से तब एक बड़े माफिया वीरेंद्र प्रताप शाही विधायक थे। श्रीप्रकाश की रार वीरेंद्र प्रताप शाही के साथ-साथ हरिशंकर तिवारी से भी काफी बढ़ चुकी थी। वजह स्क्रैप समेत कई बड़े ठेकेदारी की ही थी। वीरेंद्र शाही भी गोरखपुर के रहने वाले थे। 24 अक्तूबर 1996 को वो गोलघर स्थित कार्यालय से घर को निकले। साथ में उनका गनर जयराम राय भी था। कैंट एरिया में पहुंचते ही दोनों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियों की बौंछार हमलावरों ने की। कार में बैठे वीरेंद्र शाही की जांघ में गोली लगी। उनके गनर जयराम राय की मौत हो गई। इल्जाम माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला, राजन तिवारी समेत चार लोगों पर लगा। श्रीप्रकाश के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद भी ये मुकदमा चलता रहा। सबूतों के अभाव में कोर्ट ने 2014 में राजन तिवारी को दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।

Bihar के Minister की हत्या का आरोप


UPSTF और UP Police से जान बचाकर भागे राजन तिवारी ने महज कुछ महीने के दौरान ही बिहार प्रांत में अपना बड़ा गिरोह खड़ा कर लिया। अत्याधुनिक असलहों से लैस उसके गुर्गों ने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया। RJD के नेता और पूर्व मंत्री बृजबिहारी प्रसाद की हत्या में राजन तिवारी का नाम से वो फिर सुर्खियों में आ गया। इसके बाद राजन तिवारी के नाम के आगे बाहुबली लिखा जाने लगा। राजन तिवारी के नाम से लोग खौफ खाने लगे। पुलिस ने इस हत्या के जुर्म में राजन तिवारी को Arrest कर कोर्ट में पेश किया। मुकदमा चला और अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा मुकर्रर की। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ राजन ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। करीब 15 साल बाद जुलाई 2014 में राजन तिवारी को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया।

सियासी महत्वकांक्षा कूट-कूट कर भरी


बहुत कम लोग जानते हैं कि श्रीप्रकाश हो या फिर राजन तिवारी दोनों के अंदर सियासी महत्वकांक्षा कूट-कूट कर भरी थी। श्रीप्रकाश जब जिंदा था तो वो हरिशंकर के खिलाफ चिल्लूपार विधान सभा से निर्विरोध विधायक बनने का सपना पाले थे। ऐसी ही महत्वकांक्षा राजन तिवारी के अंदर भी थी वो भी लक्ष्मीपुर विधान सभा से। अपराध की दुनिया में अपने नाम की दहशतगर्दी फैलाने के बाद राजन तिवारी ने बिहार में ही सियासी जमीन भी चुन ली। वो दो बार विधायक बना। यूपी के विधान सभा चुनाव में राजन तिवारी कुशीनगर, देवरिया की किसी विधान सभा से चुनाव लड़ने के लिए बेताब दिखा। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमों मायावती के सिग्नल पर स्थानीय नेताओं ने उसे बीएसपी ज्वाइन करवा दिया। लेकिन सफलता राजन तिवारी से दूर ही रही।

बेतिया से लड़ना चाह रहा थे लोकसभा चुनाव


राजन तिवारी लोकसभा 2019 के चुनाव में बेतिया से चुनाव लड़ने का सपना संजोए रहे। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर पर भी उन्होंने जमकर तैयारी की। RJD नेता तेजस्वी यादव ने जब टिकट नहीं दिया तो उन्होंने RJD का दामन छोड़ उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ज्वाइन कर ली। उपेंद्र कुशवाहा ने भाव नहीं दिया तो बसपा और अब बीजेपी का भगवा चोला ओढ़ लिया।

 
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Kanpur के सचेंडी थाना एरिया स्थित Pranveer Singh Institute Og Tecnology (PSIT) की B-Tech छात्रा Riya Hora ने खुदकुशी कर ली। रिया होरा का शव कमरे के अंदर पंखे के सहारे  फंदे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची लोकल पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रिया ने खुदकुशी क्यों और किन परिस्थितियों में की ? @kanpurnagarpol के लिए ये बड़ा “यक्ष प्रश्न” है। अहम बात ये है कि इस संस्थान में ये खुदकुशी की पहली वारदात नहीं है, इसके पहले भी कई स्टूडेंट्स खुदकुशी कर चुके हैं। एसपी ग्रामीण ने खुदकुशी के बाबत अपना बयान जारी किया है। जिसे कानपुर पुलिस ने Twitter पर Tweet किया है।


https://twitter.com/kanpurnagarpol/status/1124323656031621120

YOGESH TRIPATHI

झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली थी Riya Hora


रिया होरा की facebook प्रोफाइल के मुताबिक वो झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली थी। रिया B-Tech (3rdYear) की छात्रा थी। साथी छात्राओं के मुताबिक रिया बेहद ही हंसमुख स्वभाव की लड़की थी। सभी से उसके बढ़िया रिश्ते थे।

फ्राइ-डे की शाम 4 बजे किया सुसाइड


इंस्पेक्टर सचेंडी के मुताबिक रिया होरा ने शाम करीब चार बजे खुदकुशी की। प्रबंधन की तरफ से सूचना मिलने के बाद फोर्स मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। वहीं, पुलिस के एक बड़े अफसर की मानें तो अभी तक की छानबीन में मामला प्रेम-प्रसंग का प्रतीत हो रहा है। तमाम बिन्दुओं पर छानबीन जारी है। रिया के मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। कुछ कॉल की डिटेल भी देर-सबेर पुलिस निकाल सकती है।

पहले भी कई छात्र-छात्राएं कर चुके हैं खुदकुशी


Kanpur के सचेंडी थाना एरिया स्थित Pranveer Singh Institute Og Tecnology (PSIT) परिसर में ये खुदकुशी की कोई पहली घटना नहीं है। इसके पूर्व में भी कई छात्र-छात्राओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। पुलिस भी सत्ता कनेक्शन होने की वजह से हमेशा प्रबंधतंत्र की तरफ से ही खड़ी रहती है। कई बार तो हालात ये हो चुके हैं कि परिजनों की तरफ से संगीन आरोप भी लगाए गए लेकिन मामले में लीपापोती हो गई। कानपुर में रहने वाले रिया होरा के एक करीबी रिश्तेदार से www.redeyestimes.com (News Portal) ने मोबाइल पर बात करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
Lok Sabha Election 2019: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के “बयानबहादुर” नेता के तौर पर अपनी पहचान बना चुके गिरिराज सिंह ने एक विवादित बयान देकर नया “सियासी बम” फोड़ दिया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किया गया ये बयान तब आया है जब लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे, छठवें और सातवें चरण का मतदान होना शेष है। गिरिराज सिंह ने बिहार के मुजफ्फरपुर में मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि “मोदी जी ने आतंकियों का समर्थन किया और सेना को गाली दी” । हालांकि ये कड़वे वचन बोलने के बाद उन्होंने संभलने का काफी प्रयास किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मीडिया ने उनकी जुबान से निकले इन तीखे शब्दों को अपने कैमरों में कैद कर लिया। अब ये Video सोशल मीडिया पर जमकर Viral हो रहा है। अंदर की खबर ये है कि देर सबेर ही सही गिरिराज पर इसे लेकर भाजपा कोई कदम उठाने से नहीं चूकेगी।

Viral Video साभार biforePrint (News Portal)

https://youtu.be/UkcBWi3NRTw

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क्या बोले बयानबहादुर” गिरिराज सिंह ?


इस वीडियो में BJP के वरिष्ठ नेता गिरिराज कह रहे हैं, “ ये आज से नहीं जब से मोदी जी की सरकार बनी, मोदी जी ने आतंकियों का समर्थन किया, सेना को गाली दी”। “लेकिन मोदी जी ने, पूरे देश में पहले विस्फोट होता था, अब कश्मीर के तीन और ढाई जिलों में घुसेड़ दिया है”।

विवादों से “बयानबहादुर” का है पुराना नाता


यह पहली बार नहीं है कि गिरिराज सिंह ने कोई विवादित बयान दिया है। भाजपा के इस फायरब्रांड नेता और विवादों का पुराना नाता है। लेकिन इससे पहले वे मोदी के विरोधियों को निशाने पर लेकर विवादित बयान देते थे। मीडिया भी उनके बयानों को प्रमुखता से प्रसारित करती रहती थी। हाल ही में इन्होंने एक चुनावी सभा के दौरान देश के मुसलमानों को चेतावनी देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा था कि यदि “मुस्लिम समाज को कब्र के लिए तीन हाथ जगह चाहिए तो उन लोगों को इस देश में वंदेमातरम गाना होगा और भारत माता की जय कहना होगा”। गिरिराज के इस बयान पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था।


अमित शाह के साथ इस कार्यक्रम में गिरिराज ने कहा था, कुछ लोग बिहार की धरती को रक्तरंजित करना चाहते हैं। वे लोग सांप्रदायिक आग फैलाना चाह रहे हैं लेकिन भाजपा जब तक है बिहार में न बिहार में होगा और न बेगूसराय की धरती पर ऐसा होने देंगे।


लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने गिरिराज सिंह का नाम नहीं लेते हुए कहा था कि लोजपा ऐसी भाषा का बिल्कुल समर्थन नहीं करती है। गिरिराज सिंह इससे पहले बुर्के की आड़ में बोगस वोटिंग होने की बात भी कह चुके हैं। उन्होंने मतदान के दौरान बुर्का पहनने पर रोक लगाने की भी मांग की थी।


 

Lok Sabha Election 2019 के चौथे चरण की मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस फेज में यूपी की 13 लोकसभा सीटों पर 29 एप्रिल को मतदान हुआ है। Kanpur Nagar और अकबरपुर लोकसभा में भी 29 को वोटिंग हुई। वोटिंग के बाद से अब तक सोशल मीडिया में दो ऑडियो वॉयरल हुए हैं। दोनों ही ऑडियो में नेताओं की बातचीत से स्पष्ट है कि बड़े भीतरघात से जुड़ा ये मामला अकबरपुर लोकसभा का ही है। बातचीत के दौरान ब्राम्हण नेता और नेत्री सीधे-सीधे चैलेंज कर रहे हैं कि इस बार BJP प्रत्याशी देवेंद्र सिंह (भोले) को हर कीमत पर चुनाव में शिकस्त दिलानी है। एक ऑडियों में तो जमकर गाली-गलौज भी है। www.redeyestimes.com (News Portal) को बड़े सूत्रों से खबर है कि 3 विधायकों के खिलाफ निगेटिव रिपोर्ट BJP हाईकमान के पास भेजी गई है। रिपोर्ट में तीनों पर भीतरघात कराने का जिक्र साफ-साफ है। दो विधायकों पर चुनाव में सहयोग न करने का आरोप है। सूत्रों की मानें तो ये रिपोर्ट पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने गोपनीय स्तर पर अवलोकन करने के बाद वोटिंग के बाद तुरंत ही सौंप दी।


[caption id="attachment_19366" align="alignnone" width="695"] अकबरपुर लोकसभा सीट से सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी निशा सचान के समर्थन में वोट मांगते पूर्व मंत्री प्रेमलता कटियार के भाई जगविजय कटियार।[/caption]

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परिणाम के बाद बढ़ेगी BJP के अंदर की बड़ी रार


23 मई को मतगणना होनी है। चुनाव परिणाम के बाद माना जा रहा है कि कानपुर देहात की बीजेपी के अंदर बड़ी रार सामने आ सकती है। सोशल मीडिया पर वॉयरल दो आडियों में एक बीजेपी की नेत्री का भी है। ब्राम्हण वर्ग की ये नेत्री सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता से कह रही है कि गठबंधन के प्रत्याशी को वोट और सपोर्ट करवाओ। ये नेत्री एक कद्दावर ब्राम्हण नेता का भी नाम ले रही है। करीब दो मिनट के इस आडियो में नेत्री कहती है कि भाजपा की औकात तो 50 महिला कार्यकत्रियों को भी रैली में लाने की नहीं थी, लेकिन वो 6 हजार महिलाओं को लेकर पहुंची.....।


दूसरा आडियो भी इसी ब्राम्हण नेता के समर्थक का है। जिसमें वो साफ-साफ अपने ही पार्टी के कार्यकर्ता से कह रहा है कि गाड़ी नहीं दी गई है। गाड़ी नेता जी ने अपनी तरफ से दी है। नेताजी नहीं चाहते हैं कि देवेंद्र सिंह (भोले) चुनाव जीतें। फिर ये कार्यकर्ता कहता है कि ब्राम्हणों को अब बीजेपी में तरजीह नहीं दी जा रही है। चार टिकट दिए गए हैं। कन्नौज में क्या....। इसके बाद तमाम गालियों से बातचीत भी आडियो में है। खबर है कि ये आडियो भी हाईकमान के पास भेजे गए हैं। वहीं बड़े पैमाने पर भीतरघात की खबर वाले आडियो के जारी होने से प्रत्याशी और उनके समर्थकों में बेचैनी बड़ गई है।

उल्लेखनीय है कि www.redeyestimes.com (News Portal) ने चुनाव से काफी पहले ही रनिया विधान सभा, बिठूर विधान सभा, कल्याणपुर विधान सभा में बड़े पैमाने पर हो रहे भीतरघात की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। साथ ही कल्याणपुर में पूर्व मंत्री प्रेमलता कटियार के भाई जगविजय कटियार की तरफ से गठबंधन प्रत्याशी के समर्थन में वोट मांगने वाली फोटो भी पोर्टल ने प्रकाशित कर भीतरघात की खबर प्रकाशित की थी। इन दोनों खबरों के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी को प्रभारी बनाकर अकबरपुर लोकसभा में भेजा। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का कार्यक्रम लगाया गया। RSS के प्रांतीय पदाधिकारी समेत कई दिग्गज चुनाव के अंतिम दिन तक कैम्प करते रहे। उसके बाद भी बड़े स्तर पर भीतरघात हो ही गया।


चुनाव में साफ-साफ दिखाई दी गुटबाजी


बीजेपी प्रत्याशी देवेंद्र सिंह (भोले) को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का बेहद करीबी माना जाता है। टिकट दिलवाने में भी उनकी बड़ी भूमिका बताई जा रही है। वहीं, जिन तीन विधायकों की निगेटिव रिपोर्ट भेजी गई है वे सभी संगठन के एक बड़े ताकतवर नेता के खास हैं। यही वजह है कि चुनाव में खुल्लम-खुल्ला विरोध किया गया। एक बीजेपी विधायक को वोटिंग वाले दिन RSS के एक पदाधिकारी अपने साथ दोपहर दो बजे तक लिए रहे। सूत्रों की मानें तो क्षेत्रीय संगठन के एक ताकतवर पदाधिकारी के बारे में भी निगेटिव रिपोर्ट हाईकमान को भेजी गई है।

 

 
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Lok Sabha Election 2019 : वाराणसी से PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ सांसदी का चुनाव लड़ रहे BSF के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी को चुनाव आयोग (EC) रद्द कर दी है। चुनाव आयोग ने तेज बहादुर यादव से बुधवार को दोपहर तक BSF से नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मांगा था। तेज बहादुर को तीन दिन पहले ही सपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया था। खबरें आ रही हैं कि वाराणसी में तेज बहादुर समर्थकों की कई जगहों पर झड़प भी हुई है। गौरतलब है कि सपा की तरफ से तेज बहादुर को प्रत्याशी घोषित करते ही BJP और RSS के माथे पर चिंता की लकीरें साफ-साफ दिखने लगी थीं।


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Notice का जवाब देने के लिए पहुंचे थे तेज बहादुर

निर्वाचन अधिकारी की दो नोटिसों का जवाब देने के लिए तेज बहादुर अपने वकील के साथ रिटर्निग आफिसर से मिलने पहुंचे। जहां उन्हें जानकारी मिली कि उनकी प्रत्याशिता रद्द कर दी गई है। तेज बहादुर ने अपने दो नामांकन पत्रों में से एक में अपनी बर्खास्तगी की जानकारी नहीं दी थी। आयोग ने उन्हें नोटिस देकर BSF से अनापत्ति प्रमाणपत्र लाने को कहा था। समाचार लिखे जाने तक यह पता नहीं चल सका कि वे यह NOC ला पाए थे या नहीं।

facebook  पर डाली थी तेज बहादुर ने पोस्ट


आयोग ने कहा कि जो सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त किया जाता है उसे पांच साल तक चुनाव में भाग लेने का अधिकार नहीं होता। गौरतलब है कि कि BSF में नौकरी के दौरान तेज बहादुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म facebook पर 2017 में एक पोस्ट डाली थी। जिसमें उसने सैनिकों को खराब खाना दिए जाने का मुद्दा उठाया था। वीडियो में उसने अपना टिफिन दिखाते हुए कहा था कि जवानों को जली रोटी और पतली दाल मिलती है। उन्हें भूखा भी सोना पड़ता है। इस पोस्ट के बाद तेज बहादुर को BSF ने बर्खास्त कर दिया था।

बर्खास्तगी के बाद किया था चुनाव लड़ने का ऐलान

बर्खास्तगी के बाद तेज बहादुर ने वाराणसी से चुनाव लड़ने का एलान किया था। तेज बहादुर ने बनारस आकर अपना पर्चा दाखिल भी किया। इस बीच महागठबंधन की सपा ने उसे अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। माना जा रहा था कि तेजबहादुर गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में मोदी को कड़ी टक्कर देंगे, लेकिन ऐसा कुछ होने की संभावना बुधवार की दोपहर खत्म हो गई जब आयोग ने उसकी उम्मीदवारी ही रद्द कर दी।