August 2017

The police arrested the priest after watching the videoFaridabad police will interrogate girl 


[caption id="attachment_16687" align="aligncenter" width="670"] baba arrest in temple haryana, redeyestimes baba arrest in temple haryana[/caption]

नई दिल्ली। धर्म और आस्था से खिलवाड़ करने वाले गेरुआ वस्त्रधारी बाबाओं के दिन लगता है खराब चल रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख Ram Rahim को CBI Court से 20 साल की सजा मुकर्रर होने के बाद बढ़े विवाद के बीच हरियाणा के ही फरीदाबाद में एक और बाबा की करतूत का भंडाफोड़ हो गया। करीब 97 साल का बेहद बुजुर्ग यह बाबा लड़की के साथ मंदिर में बेहद आपत्तिजनक हालात में मिला। इस बाबा का आपत्तिजनक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।


पुलिस चौकी के पास हनुमान मंदिर की घटना


मामला हरियाणा प्रांत के फरीदाबाद स्थित एक हनुमान मंदिर का है। यहां पर 97 साल का पुजारी आपत्तिनजक हालात में लड़की के साथ हमबिस्तर मिला। पुलिस के मुताबिक वारदात सोहना रोड स्थित संजय कालोनी पुलिस चौकी से महज कुछ मीटर की दूरी पर हुई। रंगे हाथों पकड़े गए मंदिर के पुजारी के करतूतों की वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

मंदिर में पूजा करने गई थी लड़की


मंदिर के पुजारी का वीडियो बनाने वाले युवक के मुताबिक लड़की मंदिर में दर्शन और पूजा करने गई थी। लेकिन काफी देर बाद भी जब वह नहीं पहुंची तो शक हो गया। लोगों ने जब अंदर झांक कर देखा तो पुजारी लड़की के साथ आपत्तिनजक हालत में बिस्तर पर पड़ा था। पुजारी को रंगे हाथों पकड़ने से पहले लोगों ने वीडियो भी बना डाला। पुलिस में शिकायत करने वाले देवीलाल के मुताबिक पुजारी गलत हरकत कर रहा था। लेकिन फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुजारी जबरन रेप कर रहा था या फिर सबकुछ सहमति से हो रहा था। लड़की की उम्र करीब 20 साल बताई जा रही है।

 लड़की से की जाएगी इंट्रोगेशन : पुलिस


शर्मशार कर देने वाली इस घटना की जानकारी जब लोगों को हुई तो मंदिर पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच पुजारी को थाने पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक वीडियो को देखने के बाद पुजारी को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। लड़की को बुलाकर उससे भी पूछताछ की जाएगी। इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि कहीं दोनों सहमित से दो हमबिस्तर नहीं थे।

Uttarakhand government is benefiting Ramdev: Congress presidentThe right to determine the herb rate given to a business firm for the first time 




हरिद्वार। उत्तराखंड की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार ने राज्य में जड़ी-बूटियों के मूल्य का निर्धारण तय करने का अधिकार बाबा रामदेव की पतंजलि योग पीठ को दे दिया है। बिल्कुल स्पष्ट है कि उत्तराखण्ड में पैदा होने वाली जड़ी-बूटियों का खरीद मूल्य राज्य सरकार नहीं, बल्कि अब पतंजलि तय करेगा। जानकारों की राय में माने में तो ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी सरकार ने प्राइवेट व्यवसायिक कंपनी को मूल्य तय करने का अधिकार सौंपा है। सूत्रों की मानें तो राज्य में बंद पड़े कुछ टूरिस्ट सेंटर भी संचालन के लिए पतंजलि को दिए गए हैं।


Meeting के बाद CM त्रिवेंद्र रावत ने लगाई मोहर


CM त्रिवेंद्र रावत और पतंजलि योगपीठ के प्रमुख आचार्य बालकृष्ण की मौजूदगी में बीते शनिवार को हुई Meeting में यह सहमति बनी। गौरतलब है कि सरकार और पतंजलि के बीच प्रस्तावित सहयोग कार्यक्रम की समीक्षा के लिए यह Meeting बुलाई गई थी। बैठक में सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर पतंजलि के साथ सहमति बन गई है, उन पर MOU की तैयारी की जाए। सीएम ने जड़ी-बूटी उत्पादन विपणन को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की आवश्यकता बताई। पतंजलि योगपीठ की तरफ से इस दिशा में सहयोग के लिए सीएम ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का आभार जताया।

सरकार ने नियम और मानक को रख दिया ताक पर


किसी भी फसल या उत्पाद का न्यूनतम क्रय मूल्य सरकार तय करती है। ताकि किसानों को फसल का न्यूनतम मूल्य मिल सके। लेकिन जड़ी-बूटी के मामले में उल्टा हो रहा है। जड़ी-बूटियों का न्यूनतम क्रय मूल्य सरकार की बजाए आयुर्वेद के उत्पाद बनाने वाली कंपनी पतंजलि घोषित करेगी।

राज्य में अभी तक जड़ी बूटियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया जाता था। निर्णय लिया कि सरकार राज्य में मौजूद जड़ी-बूटियों की सूची पतंजलि को देगी। इसके बाद पतंजलि इनका न्यूनतम क्रय मूल्य तय करेगी।

बद्री गाय संवर्द्धन योजना भी पतंजलि योगपीठ को सौंपी


चंपावत के नारियाल गांव में सरकार की बद्री गाय संवर्द्धन योजना को अब पतंजलि योगपीठ संचालित करेगी। यह सरकारी फार्म 21 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। यहाँ सैकडों गायें मौजूद हैं। पशुपालन विभाग ने अगले तीन महीनों के लिए पतंजलि से 1073 मीट्रिक टन चारे की डिमांड की है। जबकि पशुपालन विभाग पतंजलि को 12000 लीटर दूध की आपूर्ति करेगा। पतंजलि आयुर्वेद विवि के शोधार्थियों को अपनी लैब उपलब्ध कराएगा। पतंजलि की ओर से हरिद्वार के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाईजीन संबंधी सुविधाएं विकसित करने की सहमति दी है। बैठक में आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत तथा पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, आयुर्वेद निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी सहित मौजूद थे।

एक कंपनी को एकाधिकार बिल्कुल ठीक नहीं


गुरुकुल कांगड़ी फार्मेसी, हरिद्वार के प्रभारी डॉ. दीनानाथ शर्मा का कहना है कि राज्य सरकार का यह फैसला स्वीकार करने योग्य कतई नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड में पैदा होने वाली औषधियों पर एक ही संस्था का एकाधिकार हो जाएगा। यदि सरकार यह अधिकार अपने पास रखे तो वह तब भी सही है। लेकिन एक संस्था को इतना बड़ा अधिकार देना बिल्कुल उचित नहीं है। जबकि हिमालया ड्रग कंपनी के प्रेसिडेंट डॉ. एस फारुख ने कहा कि उत्पादक जिसके पास ठीक रेट मिलेगा उसको बेचेंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

"बाबा रामदेव की गोद में बैठी है BJP की सरकार"


उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाबा रामदेव की गोद में बैठ गई है सूबे की सरकार। प्रीतम सिंह ने कहा कि मर्यादाओं और नियम-कायदों को ताक पर रखकर सरकार बाबा रामदेव की कंपनी को हर तरफ से लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है। प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार जनता के लिए नहीं सिर्फ रामदेव के लिए ही कार्य करने में जुटी हुई है।

Bhimaand has better relations with many leadersCrores property is built in Mumbai,Delhi,Chitrakoot 


[caption id="attachment_16674" align="aligncenter" width="900"]Ichadhari-Baba-Bheemanand arrest by delhi police, redeyestimes Ichadhari-Baba-Bheemanand arrest by delhi police[/caption]

YOGESH TRIPATHI


नई दिल्ली। देश में धर्म और आस्था को धोखा देने वाले कथित बाबाओं के “चमड़ी कारोबार” की कलई एक बार फिर खुली। डेरा सच्चा सौदा की दो साध्वियों के साथ रेप के आरोप में CBI की स्पेशल कोर्ट से 20 साल की सजा पाए Rapist Ram Rahim का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि DELHI POLICE ने हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट का संचालन कर रहे “Ichadhari-Baba-Bheemanand” उर्फ भीमानंद महाराज को Arrest कर लिया।


वर्ष 2010 भी Arrest हो चुका है चित्रकूट  का यह इच्छाधारी बाबा


“Ichadhari-Baba-Bheemanand” के नाम से कुख्यात इस चर्चित यह बाबा मूलरूप से यूपी के चित्रकूट जनपद के चमरौहा गांव का रहने वाला है। इसका असली नाम शिवमूरत दिवेदी है। खुद को साईं बाबा का अवतार बताने वाला यह “इच्छाधारी बाबा” देश की राजधानी दिल्ली में कई साल से सेक्स रैकेट का संचालन कर रहा है। साल 2010 में भी इसे दिल्ली की पुलिस ने अरेस्ट किया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जब यह जेल से छूटा तो फिर से सेक्स रैकेट के कारोबार में सक्रिय हो गया।

30 बरस पहले गार्ड की नौकरी करने वाले बाबा के पास करोड़ों की दौलत


“Ichadhari-Baba-Bheemanand” के इतिहास में जाएं तो पता चलता है कि करीब 30 साल पहले चित्रकूट के चमरौहा गांव का रहने वाला यह कथित बाबा दिल्ली के नेहरू प्लेस स्थित एक फाइव स्टार होटल में गार्ड की नौकरी करता था। कुछ साल गार्ड की नौकरी करने के बाद शिवमूरत दिवेदी नाम के इस गार्ड ने अपना चोला बदला और बन गया भीमानंद महाराज उर्फ “इच्छाधारी बाबा”। चमड़ी के कारोबार (सेक्स रैकेट) के जरिए इसने यूपी के चित्रकूट से लेकर दिल्ली और मुंबई तक संपत्ति बना ली।

ED ने जब्त की थी इच्छाधारी बाबा की संपत्ति


महज कुछ साल में ही इस कथित “Ichadhari-Baba-Bheemanand” ने कई करोड़ की संपत्ति बना ली। साल 2010 में दिल्ली पुलिस ने इसे सेक्स रैकेट मामले में गिरफ्तार किया तो इसकी कलई खुली। लंबे समय तक यह जेल में बंद रहा। इस बीच वर्ष 2015 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसकी संपत्ति जब्त कर ली थी।

600 हाई प्रोफाइल लड़कियां हैं सक्रिय, एयर होस्टेस से लेकर एक्ट्रेस तक हैं शामिल


“Ichadhari-Baba-Bheemanand” अब तक करीब 600 से अधिक लड़कियों को अपने चंगुल में फंसा चुका है। यह सभी उसके एक इशारे पर जिस्म फिरोशी का धंधा करती हैं। सूत्रों की मानें तो इसमें कई एयरहोस्टेस और टीवी की एक्ट्रेस तक शामिल हैं। लग्जरी गाड़ियों के शौकीन इच्छाधारी बाबा के कनेक्शन कई राजनेताओं तक से हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो नेताओं के साथ वह नौकरशाहों को भी लड़कियों की सप्लाई मोटी रकम के बदले करता है।

more than 150 patients have died25 children die in Last 24 hours 






गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर स्थित BRD MEDICAL COLLEGE के बाल रोग विभाग में “मौत का तांडव” जारी है। NICU और PICU में पिछले 48 घंटों के दौरान 42 बच्चों की मौत हो गई है। सिर्फ पिछले 24 घंटे में ही 25 बच्चों ने दम तोड़ दिया। मरने वालों में इंसेफेलाइटिस के 11 मरीज शामिल हैं।

ऑक्सीजन की कमी से पहले भी मर चुके हैं 72 बच्चे


गोरखपुर के BRD MEDICAL COLLEGE स्थित बाल रोग विभाग में तीन सप्ताह पहले भी ऑक्सीजन की कमी के चलते करीब 72 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस मामले में राजनीतिक दलों ने काफी सियासत भी की। BRD MEDICAL COLLEGE के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा उनकी पत्नी डाक्टर पूर्णिमा शुक्ला समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया गया। कुछ घंटे पहले ही Kanpur में STF की टीम ने राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी को Arrest भी कर लिया है।

NICU में सबसे अधिक बच्चों की मौत


BRD MEDICAL COLLEGE में ऑक्सीजन त्रासदी कांड के बाद से बच्चों की मौत का सिलसिला बदस्तूर जारी है। सबसे ज्यादा मौतें नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में हुई। इस वार्ड में 119 नवजात भर्ती थे। दो दिनों में एनआईसीयू में 16 नवजातों की मौत हुई। मंड़े को NICU में 10 बच्चों की मौत हुई। संडे को छह नवजातों ने दम तोड़ दिया।

बालरोग विभाग में 225 मरीजों का चिकित्सक कर रहे हैं इलाज


BRD MEDICAL COLLEGE स्थित बाल रोग विभाग में नवजातों के अलावा 225 मरीजों का इलाज चिकित्सक कर रहे हैं। इनमें से इंसेफेलाइटिस के 106 मरीज भी शामिल हैं। बीते दो दिनों में इस वार्ड में 26 मासूमों ने दम तोड़ दिया। मंडे को 15 मासूमों की मौत हुई और रविवार को 11 ने दम तोड़ दिया। इनमें इंसेफेलाइटिस के मरीज भी शामिल हैं।

इंसेफेलाइटिस से बीते 24 घंटे में 4 मासूमों की मौत हो गई। संडे को 7 मरीजों की मौत हुई थी। मरने वालों में संतकबीर नगर की ममता, बलिया की श्वेता, कुशीनगर का प्रवीन और महराजगगंज के रितेश का नाम शामिल है। इस बीमारी की वजह से अब तक 179 मरीजों की मौत BRD MEDICAL COLLEGE में हो चुकी है।

Rajiv Mishra was suspended from his position on August 12 following the deaths, which occurred over a span of five daysHe and his wife were among those named in the FIR registered by the state government following a report by state Chief Secretary Rajiv Kumar


[caption id="attachment_16663" align="aligncenter" width="660"]principal-of-gorakhpur-brd-medical-college_arrest, kanpur , redeyestimes principal-of-gorakhpur-brd-medical-college_arrest in kanpur city by UPSTF[/caption]

YOGESH TRIPATHI


कानपुर। उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) ने गोरखपुर स्थित BRD MEDICAL COLLEGE के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला को Kanpur से Arrest कर लिया। STF की टीम डॉक्टर दंपति को Arrest करने के बाद उनको साथ लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हो गई है।

[caption id="attachment_16677" align="aligncenter" width="619"]brd medical college former principal arrest by stf,redeyestimes brd medical college former principal arrest by stf[/caption]

ऑक्सीजन की कमी से हुई थी पांच दर्जन से अधिक बच्चों की मौत


गोरखपुर स्थित BRD MEDICAL COLLEGE ऑक्सीजन की कमी के चलते करीब करीब पांच दर्जन बच्चों की मौत तीन सप्ताह पहले हुई थी। 12 अगस्त को प्रिंसिपल राजीव मिश्रा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। हालांकि शासन का कहना है कि उनको निलंबित किया गया। पांच दर्जन बच्चों की मौत के बाद जब राज्य सरकार ने मामले की जांच मुख्य सचिव राजीव कुमार से करवाई तो पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला दोषी पाए गए। जिसके बाद गोरखपुर में डॉक्टर दंपति समेत कई लोगों के खिलाफ FIR रजिस्टर्ड कराई गई।

FIR रजिस्टर्ड होने के बाद से फरार थे डॉक्टर दंपति


करीब 70 बच्चों की मौत होने के बाद गोरखपुर में लिखाई गई FIR के बाद से ही BRD MEDICAL COLLEGE के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला फरार चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए राज्य सरकार ने STF को लगाया था। सर्विलांस से लोकेशन ट्रेस होने के बाद STF की टीम ने Kanpur में डेरा जमा लिया। सटीक सूचना के बाद डॉक्टर दंपति को Kanpur के South City स्थित एक अधिवक्ता के बंगले से STF ने दोनों को Arrest कर लिया। दोनों के गिरफ्तारी की भनक मीडिया और स्थानीय पुलिस को काफी देर बाद लगी।

Delhi BJP President Manoj Tiwari Responsibility for Lead Defeat । BJP candidate did not make up till last round


[caption id="attachment_16659" align="aligncenter" width="850"]Aam-Aadmi-Party aap win delhi bawana, redeyestimes Aam-Aadmi-Party aap win delhi bawana[/caption]

YOGESH TRIPATHI


नई दिल्ली। DELHI की बवाना सीट पर केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई बवाना सीट पर करारी शिकस्त मिली। इस धमाकेदार जीत से एक बात तो साफ हो गई है कि दिल्ली के दिल से आम आदमी पार्टी (AAP) के अरविंद केजरीवाल को निकालना इतना आसान नहीं है।

बवाना का किला फतेह करने के बाद जहां AAP जश्न में डूबी नजर आई तो BJP बैकफुट पर दिखी। दिल्ली BJP के प्रेसीडेंट मनोज तिवारी ने बवाना हार पर अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि हार पर मंथन करेंगे कि कहां पर त्रुटि रह गई। वहीं दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने जीत पर कार्यकर्ताओं और वोटरों को धन्यवाद दिया।

अंतिम राउंड की गिनती तक आगे नहीं हो सकी BJP


शुरुआती गिनती में कांग्रेस प्रत्याशी ने बढ़त बनाई। लेकिन उसके बाद AAP प्रत्याशी ने बढ़त बनाई। दूसरे नंबर पर BJP और कांग्रेस के प्रत्याशी में कांटे की टक्कर रही। खास बात यह रही कि BJP प्रत्याशी एक बार भी बढ़त नहीं बना सके। अंतिम चक्र की गिनती में AAP प्रत्याशी ने 24052 वोटों के भारी अंतर से BJP प्रत्याशी को हरा दिया। AAP ने 28वें राउंड की गिनती में यह सीट जीती।

चुनाव में BJP ने AAP के पूर्व विधायक वेदप्रकाश, आम आदमी पार्टी ने रामचंद्र और कांग्रेस की ओर से सुरेंद्र कुमार मैदान में उतारा था।

 

Ram Rahim Was 'God' For The Victims, He Acted Like Wild Beast: Judge। The judge said that the courts were obliged to “curtail evil”.



YOGESH TRIPATHI


नई दिल्ली। CBI की स्पेशल Court  ने Rapist Ram Rahim को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यानि उसे अब 2037 तक जेल की रोटी खानी होगी। अदालत ने उसे दो साध्वी बहनों के साथ Rape करने के जुर्म ने 10-10 साल की अलग-अलग सजा सुनाते हुए 15-15 लाख रुपए का अर्थदंड भी मुकर्रर किया है। मुआवजे की यह रकम पीड़ित बहनों को मिलेगी।

रोहतक की सुनारिया जेल में बनी थी अस्थाई अदालत


बवाल और हिंसा के मद्देनजर पूरे हरियाणा में हाई अलर्ट घोषित था। CBI Court के स्पेशल जज हेलीकॉप्टर के जरिए रोहतक की सुनारिया जेल पहुंचे। यहां जेल के स्कूल में ही Rapist Ram Rahim को सजा सुनाने के लिए अस्थाई अदालत बनाई गई थी।

दोनों पक्ष के वकीलों को सिर्फ 15 मिनट का मौका


CBI Court के स्पेशल जज ने दोनों ही पक्ष के वकीलों को सिर्फ 15 मिनट का मौका दिया। Rapist Ram Rahim के वकील ने जहां कम से कम सजा की मांग की तो वहीं CBI के वकीलों ने इसे बेहद घृणित और संगीन अपराध बताते हुए उम्रकैद की मांग की। दोनों पक्ष के वकीलों की बहस सुनने के बाद जज ने दोनों ही मामलों में 10-10 साल की सजा और 15-15 लाख रुपए के अर्थदंड लगाया।

जज को देखते ही हाथ जोड़कर फफकने लगा


CBI Court के स्पेशल जज जगदीप सिंह रोहतक की सुनारिया जेल हेलीकॉप्टर से पहुंचे। जज को देखते ही Rapist Ram Rahim दोनों हाथों को जोड़कर दया की भीख मांगने लगा। उसने बार-बार क्षमा याचना की। लेकिन जज जगदीप सिंह ने बेरहम और हैवान पर कोई दया नहीं दिखाई।

सजा मुकर्रर होने के बाद की “नौटंकी”


CBI के स्पेशल जज जगदीप सिंह ने जैसे ही सजा मुकर्रर की Rapist Ram Rahim अस्थाई अदालत में ही जमीन पर लेट गया। वह जज से दया की भीख मांगता रहा लेकिन जज ने उस पर तनिक भी दया नहीं दिखाई। सुरक्षा कर्मी जब उसे जेल ले जाने लगे तो उसने जेल की सलाखों के पीछे जाने से मना कर दिया।

Modi used to do AW-139 Chapar in the 2014 Lok Sabha electionsThere are many helicopters of AW-139 in the country


[caption id="attachment_16648" align="aligncenter" width="618"]modi_ram_rahim_adani helicopter, redeyestimes modi_ram_rahim_adani helicopter[/caption]

YOGESH TRIPATHI

नई दिल्ली। CBI Court से Rapist करार दिए जाने के बाद विवादित Ram Rahim को हेलीकॉप्टर के जरिए पंजकुला से रोहतक की सुनारिया जेल ले जाया गया। उसे जेल ले जाने में जिस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया है, उसे लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है। इस फोटो में दावा किया जा रहा है कि Rapist Tam Rahim को पंचकुला से रोहतक की सुनरिया जेल ले जाने के लिए जिस चॉपर का प्रयोग किया गया है, वह गुजरात के बड़े कारोबारी गौतम अडानी का है। बताया जा रहा है कि ऐसा ही एक चॉपर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान वर्ष 2014 में इस्तेमाल किया था।

अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का है चॉपर


दरअसल Ram Rahim को पंचकूला से AW-139 हेलिकॉप्टर में बैठाकर रोहतक की सुनरिया जेल  जाया गया। विशेष किस्म का यह चॉपर VIP कारोबारी लोगों के सफर के लिए इस्तेमाल होता है। 15 सीट वाला यह चॉपर अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का है। ऐसा ही एक चॉपर PM मोदी ने साल 2014 के चुनाव में प्रचार के लिए इस्तेमाल किया था। यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर खबर फैल रही है कि जिस हेलिकॉप्टर से मोदी सफर करते थे, उसी में राम रहीम को ले जाया गया।

खबर का मकसद बीजेपी, केंद्र सरकार और खुद PM मोदी को कटघरे में खड़ा करना है क्योंकि कारोबारी गौतम अडानी के MODI के करीबी होने का आरोप विपक्ष लगाता रहा है। हालांकि वायरल होती ये खबर महज अफवाह ही बताई जा रही है और इसके पक्ष में तर्क भी हैं।

अफवाह फैलने की सबसे बड़ी वजह AW-139


अफवाह इसलिए फैल रही है क्योंकि PM मोदी और Ram Rahim दोनों के ही हेलिकॉप्टर पर AW-139  लिखा हुआ है। लेकिन भारत में AW-139 जैसे एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों हेलिकॉप्टर हैं। खुद हरियाणा सरकार ने भी साफ किया है कि Ram Rahim को रोहतक ले जाने के लिए जो हेलिकॉप्टर इस्तेमाल किया गया वो एक निजी कंपनी से किराये पर लिया गया था। वहीं हरियाणा के DGP ने भी मीडिया से बातचीत में साफ कह दिया है कि हेलिकॉप्टर के अडानी की कंपनी का होने की बात सही नहीं है बल्कि सरासर झूठ है।

चॉपर को लेकर एक और विवाद उठा


Ram Rahim को लेकर दूसरा विवाद इस चॉपर में सवार महिला को लेकर भी उठा। क्योंकि किसी कैदी के साथ उसके परिजनों को ले जाने की अनुमति नहीं होती। बाद में प्रशासन ने यह साफ किया कि चॉपर में सवार महिला Ram Rahim की बेटी हनीप्रीत इंसा थीं और वह ज्यादा वक्त तक उनके साथ नहीं रहीं। अफसरों ने यह भी दावा किया है कि जेल में राम रहीम को आम कैदियों के तरह ही ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और उन्हें किसी भी तरह के VIP ट्रीटमेंट देने की खबरें बेबुनियाद है। हालांकि प्रशासन ने हनीप्रीत को चॉपर में ले जाने के सवाल पर चुप्पी साध रखी है।

 

Ram Rahim remained restless in jail due to fear of punishmentOn the third day even Ram Rahim did not eat in the jail, just drank milk


[caption id="attachment_16642" align="aligncenter" width="640"]ram rahim in sunariya jail, redeyestimes ram rahim in sunariya jail[/caption]



YOGESH TRIPATHI

नई दिल्ली। अरबों रुपए के किलानुमा कोठी में करोड़ों के बेड पर सोने वाले Rapist Ram Rahim को हरियाणा प्रांत के रोहतक जनपद की सुनारिया जेल में रखा गया। वह यहां पर कैदी नंबर 1997 है। जेल सूत्रों के मुताबिक उसे सुनारिया जेल की बैरक रास नहीं आ रही है। फ्राइ-डे की पहली रात जेल के अंदर टहलकर काटने वाले Rapist Ram Rahim सजा के खौफ से संडे की नाइट भी नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि देर रात तक वह बिस्तर पर करवटें ही बदलता रहा। उसके चेहरे से रौनक गायब है।

जेल से मिलने वाला खाना नहीं खाया


सूत्रों की मानें तो Ram Rahim ने जेल की तरफ से मिलने वाले भोजन को अब तक नहीं खाया है। सिर्फ वह नाश्ता ही कर रहा है। चाय-ब्रेड के साथ दूध भी उसने पीया है। जेल प्रशासन की तरफ से उसे पांच लोगों से मिलने की छूट दी गई है।

कुछ घंटे बाद लगेगी जेल में CBI की विशेष अदालत


अब से महज कुछ घंटे बाद ही जेल में CBI की विशेष अदालत लगेगी। कोर्ट दोपहर बाद Ram Rahim की सजा को मुकर्रर करेगी। CBI Court के जज हेलीकाप्टर से सुनारिया जेल पहुंचेगें। सजा सुनाने के बाद वह हेलीकाप्टर के जरिए ही वापस आएंगे। पुलिस विभाग के अफसरों की मानें तो सुरक्षा के मद्देनजर जेल में ही विशेष अदालत लगाने का फैसला लिया गया है।

सरकार ने जेल जाने के बाद खत्म की Z+ सिक्योरिटी


Rapist Ram Rahim की जड़ें BJP की सरकार में कितनी गहरी थीं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जेल जाने के वक्त तक सरकार की तरफ से प्रदान की गई Z+ सिक्योरिटी Ram Rahim के साथ मौजूद थी। जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद सरकार ने उसकी Z+ सिक्योरिटी को खत्म किया।

During the Haryana elections Manohar Lal Khattar had organized Amit Shah and Ram Rahim's meeting।  Ram Rahim had issued a fatwa in favor of BJP in 28 assembly seats.


 


[caption id="attachment_16635" align="aligncenter" width="654"]hanipreet daughter of ram rahim, redeyestimes hanipreet daughter of ram rahim[/caption]

नई दिल्ली। CBI Court से Rape के दोषी करार Ram Rahim के जेल जाते ही एक के बाद एक तमाम खुलासे हो रहे हैं। Ram Rahim की कथित “धर्मबेटी” ने BJP और डेरा सच्चा सौदा के गठजोड़ पर बड़ा बयान देकर सभी को चौंका दिया है। BJP के करीब दर्जन भर दिग्गज नेताओं के साथ Ram Rahim की PHOTO तो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। इन PHOTO की सच्चाई पर मोहर लगाते हुए Ram Rahim की “धर्मबेटी” हनीप्रीत ने नया खुलासा करते हुए BJP को धोखेबाज बताया है। हनीप्रीत का कहना है कि चुनाव से पहले जो डील हुई थी, उसे BJP ने तोड़ दिया है। हनीप्रीत का कहना है कि BJP ने सरकार बनने के बाद Ram Rahim पर दर्ज सभी मुकदमों को खत्म करने की बात कही थी लेकिन बाद में वह मुकर गई।


2014 में BJP के करीब आया Ram Rahim


Rapist Ram Rahim को इस बात का काफी पहले ही अंदाजा हो चुका था कि जिस रेप के केस में वह फंसे हैं, उससे पार पाना बेहद मुश्किल है। उसे यह भी पता था कि CBI Court उसे रेप के केस में कभी भी दोषी करार देकर सजा सुना सकती है। जेल की सलाखों के पीछे जाने से बचने के लिए उसने वर्ष 2014 में BJP का न सिर्फ दामन थामा बल्कि BJP के बड़े नेताओं से डील भी की। RSS से गहरा ताल्लुक रखने वाले कई नेताओं ने तय डील के मुताबिक Rapist Ram Rahim पर चल रहे रेप के केस को सरकार बनते ही हटाने का वादा किया था। लेकिन केस नहीं हटा और Ram Rahim को CBI Court ने दोषी करारा दे दिया। महज कुछ घंटे बाद ही उसे कोर्ट सजा सुनाने जा रही है। लेकिन सजा के ऐलान से ठीक पहले Ram Rahim की “धर्मबेटी” ने हनीप्रीत ने बड़ा बयान देते हुए यह कहा कि धोखेबाज BJP ने डील को तोड़ धोखा दिया है।

[caption id="attachment_16637" align="alignleft" width="695"]ram rahim with amit shah, redeyestimes ram rahim & amit shah (DEMO PIC)[/caption]

मनोहरलाल खट्टर ने शाह से कराई थी Rapist Ram Rahim की Meeting


बकौल हनीप्रित का हरियाणा असेंबली चुनाव से ठीक पहले मनोहर लाल खट्टर ने बाबा की मुलाकात BJP के नेशनल प्रेसीडेंट से कराई थी। हनीप्रीत के मुताबिक इस Meeting में भी यह डील पक्की हुई थी कि हरियाणा की सरकार बनते ही तत्काल मुकदमें हटा दिए जाएंगे। जिसके चलते Ram Rahim ने डेरा के प्रभाव वाली 28 विधानसभा सीटों पर BJP के पक्ष में मतदान के लिए डेरा सच्चा सौदा की तरफ से अपना फरमान किया था।

BJP से Ram Rahim  को जुड़वाने में कैलाश विजयवर्गीय का अहम रोल


चर्चा है कि Ram Rahim को BJP के करीब लाने में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का अहम रोल है। 2014  लोकसभा चुनाव को दौरान ही विजयवर्गीय ने Ram Rahim और बीजेपी नेताओं के साथ मीटिंग करानी शुरू कर दी थी। बताया जा रहा है कि कोर्ट की तरफ से आरोपी करार दिए जाने के बाद साक्षी महाराज ने विजयवर्गीय के कहने पर ही बाबा के पक्ष में बयान दिया था। हालांकि इस बात का अभी कोई प्रमाण तो नहीं है। लेकिन पार्टी में इस तरह की बयानबाजी करवाने के लिए विजयवर्गीय काफी फेमस हैं। इसलिए सूत्रों की इस बात पर भरोसा किया जा सकता है

Former MP Rakesh Sachan said, launching in public interest। FIR filed against Rakesh Sachan for damaging public property


[caption id="attachment_16631" align="aligncenter" width="695"]rakesh sachan ex.mp samajwadi party, fatehpur, redeyestimes rakesh sachan ex.mp samajwadi party[/caption]

RAJEEV KUMAR

फतेहपुर। Fatehpur जनपद के खागा कस्बा के किशनपुर एरिया में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज का बगैर परमीशन और सूचना के शुभारंभ करना समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद राकेश सचान को खासा मंहगा पड़ गया। जिला प्रशासन को जैसे ही सूचना मिली कि राकेश सचान ने गलत तरीके से रेलवे ओवरब्रिज का शुभारंभ कर वाहनों को हरी झंडी दिखा दी है भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए पूर्व सांसद की फार्च्यूनर गाड़ी को कब्जे में ले लिया।
पूर्व सांसद के साथ शिव सिंह यादव, परवेज आलम, अरुण यादव समेत तमाम कार्यकर्ता रेलवे ओवरब्रिज पहुंचे। राकेश सचान ने फीता काटकर शुभारंभ किया और बाद में हरी झंडी दिखाकर ओवरब्रिज से ट्रैफिक चालू करा दिया। सैकड़ों वाहन भी ब्रिज के ऊपर से निकल गए।


फोर्स के साथ आनन-फानन में पहुंचे SDM खागा


खबर मिलते ही SDM खागा अमित भट्ट,खागा कोतवाल अनिल राय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक पूर्व सांसद निकल चुके थे। पुलिस ने मौके से उनकी फार्च्यूनर गाड़ी और कुछ अन्य वाहनों को कब्जे में ले लिया।

राकेश सचान पर लोक संपत्ति क्षति निवारण की FIR दर्ज


रेलवे ओवरब्रिज के पर्यवेक्षक अशोक ने पूर्व सांसद राकेश सचान समेत कई लोगों के खिलाफ IPC की धारा 147,506,473,लोक सम्पत्ति क्षति निवारण के तहत FIR दर्ज करवाई। इस बाबत पूर्व सांसद राकेश सचान का कहना है कि रेलवे ब्रिज का निर्माण 2014 में पूरा होना था लेकिन अब जाकर पूरा हो सका है। सिर्फ रंगाई और लाइट का Work बाकी रह गया है। हमने जनहित का कार्य करते हुए रेलवे ब्रिज को चालू करवाया है।

यहां हर रोज हजारों लोग जाम में फंसते हैं। राकेश सचान ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी बेवजह इसे तूल दे रही है। वहीं इस बाबत अफसरों का कहना है कि अभी ओवरब्रिज का काम बाकी हैं। रेलिंग वगैरह का काम चल रहा हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना हैं कि वाहवाही के चक्कर मे ऐसा किया गया हैं। अभी ब्रिज कि टेस्टिंग भी नही हुयी हैं। कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।

The High Court asked why the step deal with Haryana and Punjab ?। Haryana Government accepts 32 people killed in violence


[caption id="attachment_16624" align="aligncenter" width="695"]Modi-Dera-Violence high court, redeyestimes Modi-Dera-Violence high court[/caption]



YOGESH TRIPATHI

नई दिल्ली। CBI Court से Rapist करार दिए जा चुके डेरा सच्चा सौदा के चीफ Ram Rahim को बचाने के लिए हरियाणा की खट्टर सरकार और उनके मंत्रियों ने क्या-क्या जतन नहीं किए, यह किसी से अब छिपा नहीं है। इंतहा तो तब हो गई जब केंद्र की BJP सरकार भी हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। न तो प्रधानमंत्री ने कोई हस्तक्षेप करने की कोशिश की और न ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने। सांप निकलने के बाद सब लकीर पीटते नजर आए। हिंसा के अगले दिन हाईप्रोफाइल मीटिंग करने वाली केंद्र सरकार को हरियाणा एवं पंजाब High Court ने जमकर फटकार लगाई है।

NDTV के मुताबिक, High Court ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा कि, “वह देश के प्रधानमंत्री हैं न कि BJP के”। कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब केंद्र सरकार के वकील ने यह कहा कि फ्राइ-डे को हुई हिंसा राज्य सरकार का विषय है।

केंद्र सरकार पर ये टिप्पणी की High Court ने


High Court ने कहा, क्या हरियाणा, भारत का हिस्सा नहीं है ? पंजाब और हरियाणा के साथ सौतेले बच्चे की तरह बर्ताव क्यों किया जा रहा है ? इस मामले की सुनवाई करने वाली अदालत की पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएस सरोन, न्यायमूर्ति अवनीश झींगन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत थे।

जेल में ही लगेगी विशेष अदालत


डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सोमवार दोपहर करीब एक बजे सजा सुनाई जाएगी। सुरक्षा कारणों से रोहतक जेल में ही CBI की विशेष अदालत लगेगी।

हरियाणा सरकार ने माना हिंसा में 32 की मौत हुई


पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को शनिवार को बताया गया कि CBI अदालत की तरफ से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख Ram Rahim को बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराने के बाद पंथ के अनुयायियों (कथित गुंडों) के उपद्रव में हरियाणा में 32 लोगों की मौत हुई है। हरियाणा के महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन ने अदालत में कहा कि राज्य में 32 लोग मारे गये हैं। मरने वालों में 28 अकेले पंचकूला में ही हैं।

उन्होंने बताया कि कि पंचकूला में 524 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, 24 वाहनों को जब्त किया गया है, 79 गोलियों के साथ पांच पिस्तौलें और 52 कारतूसों के साथ दो राइफलें भी बरामद की गयी है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, लोहे की छड़ें, डंडे, हॉकी स्टिक और 10 पेट्रोल बम भी बरामद हुए हैं।

पंजाब में हिंसा की 51 घटनाएं


पंजाब के महाधिवक्ता अतुल नंदा ने पंजाब में कानून एवं व्यवस्था के संबंध में स्थिति रिपोर्ट High Court में जमा की। रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब में 51 घटनाएं हुई हैं और 39 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, डेरा सच्चा सौदा के राज्य स्तर के पदाधिकारी गुरदेव सिंह सहित 19 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। नंदा ने कहा कि राज्य में कोई हताहत नहीं हुआ है लेकिन निजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ है जिसका मूल्यांकन कराया जाएगा।

Code Word's Blueprint was prepared in the meeting of Sirsa DeraPlot of attack on Government offices, buses and courts


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YOGESH TRIPATHI


नई दिल्ली। केंद्र, हरियाणा और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारें हाथ पर हाथ धरे बैठी थीं और Rapist Ram Rahim के गुंडे Meeting कर “ब्लूप्रिंट” तैयार कर रहे थे। ये “ब्लूप्रिंट” सजा के बाद कब, कहां, किस पर और कैसे हमला करने के मद्देनजर 16 अगस्त को सिरसा डेरा में तैयार किया गया था। इसके लिए “CODE” भी जारी कर दिए गए थे।

हमले के लिए फिक्स था “CODE” 4250 और 1620


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंचकूला स्थित CBI विशेष अदालत में Rapist Ram Rahim आने वाले फैसले को लेकर उसके गुंडों ने 16 अगस्त को सिरसा डेरा में बेहद गोपनीय मीटिंग कर Rapist Ram Rahim की रहीम जन्मस्थली राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल बमों से हमला करने की साजिश रची थी। इसमें सजा सुनाए जाने की स्थिति में जिला मुख्यालय के कोर्ट परिसर और कई सरकारी कार्यालयों के साथ रोडवेज की बसों को जलाने की खतरनाक साजिश को अंजाम दिया जाना था। इसके लिए बाकयदा “CODE”  फिक्स किए गए थे। पुलिस के मुताबिक सजा होने पर 4250 और बरी होने पर 1620 निर्धारित था। यह खुलासा पेट्रोल बम फेंककर दो सरकारी कार्यालयों में आग लगाने वाले Rapist Ram Rahim के गुंडों ने पुलिस के सामने किया।

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पुरानी आबादी थाना प्रभारी रमेश सर्वटा व जवाहरनगर थाना प्रभारी शकील अहमद के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि डेरा प्रेमियों की 16 अगस्त को सिरसा में बैठक में सजा होने पर आरोपियों को फोन पर कोड 4250 बताना था, जिस पर उन्हें कोर्ट परिसर को पेट्रोल बम से उड़ाना था।

पुरानी आबादी पुलिस ने श्याम कबाड़ स्टोर के संचालक पुरानी अबादी के वार्ड चार निवासी जयप्रकाश उर्फ जतिन अरोड़ा पुत्र श्यामलाल अरोड़ा, पुरानी आबादी के वार्ड 10 में सत्यनारायण मंदिर के पास निवासी बूटी उर्फ दीपक अरोड़ा पुत्र गुरादित्ता अरोड़ा और हरमिलापी कॉलोनी निवासी विनीत रबड़ को Arrest किया है।

आगजनी के बाद पुलिस की पकड़ में आए इन गुंडों ने अपने कई साथियों के नाम भी बताए हैं। आईजी बिपिन पांडे स्वयं जिला मुख्यालय पर मौजूद रहकर इस मामले के साथ ही श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के हालातों पर नजर रखे हुए हैं।

Seven security personnel tried to take Ram Rahim away in vehicle after conviction, a Haryana cop said6 security personnel arrested, police register FIR against sedition


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YOGESH TRIPATHI


नई दिल्ली। हमेशा Z+ सिक्य़ोरिटी में कमांडों से घिरे रहने वाले Rapist Ram Rahim से दो प्रांतों के नेता, मंत्री और नौकरशाह खौफ खाते थे। स्थनीय लोगों के मुताबिक Rapist Ram Rahim किसी बड़े आतंकवादी सरगना से कम नहीं है। सूत्रों की मानें तो उसने सजा होने के बाद विदेश भागने के लिए ब्लूप्रिंट भी बना रखा था। इसमें हरियाणा पुलिस के कांस्टेबल भी शामिल थे। लेकिन सेना ने उसके ब्लूप्रिंट को तहस-नहस करते हुए सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। Rapist Ram Rahim को विदेश भगाने में मदद करने वाले 7 सुरक्षा गार्डों को देशद्रोह के मामले में Arrest कर लिए गए हैं।


हरियाणा पुलिस के 6 कांस्टेबल थे साजिश में शामिल


हरियाणा के लोकप्रिय अखबार “आज समाज” ने अपने मुख्यपृष्ठ पर Rapist Ram Rahim के भागने की साजिश का बड़ा खुलासा किया है। अखबार के मुताबिक Rapist Ram Rahim सुरक्षा में लगे हरियाणा पुलिस के 6 सुरक्षा कर्मियों और बाबा के निजी सुरक्षा कर्मियों ने मिलकर CBI Court का निर्णय होने के बाद उसे Court परिसर से ही अगवा कर विदेश भगाने की साजिश रच रखी थी।

खुफिया और सेना ने विफल कर दी साजिश


खुफिया इकाइयों की मानें तो Rapist Ram Rahim अपने चार्टेड प्लेन से विदेश भागने की पूरी योजना बना रखी थी। खुफिया विभाग और देश की सेना ने Rapist Ram Rahim के विदेश भागने के “ब्लूप्रिंट” को पूरी तरह से विफल करते हुए उसे हेलीकॉप्टर के जरिए जेल ले जाने का फैसला लिया। यही वजह रही कि हथियारबंद गुंडे और हरियाणा पुलिस के 6 कांस्टेबल कुछ नहीं कर पाए। Rapist Ram Rahim की रणनीति विफल होने पर उसके सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस के आला अफसरों के साथ मारपीट और हाथापाई तक की। बाद में सभी को सुरक्षा कर्मियों को देश द्रोह के आरोप में बंदी बना लिया गया है।

Sadhvi Wrote On May 13, 2002, Letter To Former Priminister Atal Bihari VajpayeeRam Rahim Used To Rape Inside The Cave On the Force Of Revolver


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YOGESH TRIPATHI


नई दिल्ली। खुद को “GOD” बताने वाले Rapist Ram Rahim के जेल जाते ही उसकी काली करतूतों परत अब उधड़ने लगी है। अरबों की हवेली और उसके अंदर बनी “गुफा” ही उसके अय्याशी का अड्डा थी। यहां उसने एक दो नहीं बल्कि 64 साध्वियों को अपनी हवश का शिकार बनाया। जो विरोध करतीं उन्हें रिवाल्वर दिखाकर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देता। Rapist Ram Rahim के गुंडे साध्वियों की कड़ी निगरानी करते हुए पहरा देते थे। इतना ही नहीं साध्वियों को आपस में बातचीत की बिल्कुल भी इजाजत नहीं थी।


Ex. PM अटल बिहारी बाजपेयी को साध्वी ने लिखी थी चिट्ठी


Rapist Ram Rahim के करतूतों का खुलासा 15 साल पहले तब हुआ जब एक पीड़ित साध्वी ने Ex. PM अटल बिहारी बाजपेयी और Supreme Court को गोपनीय पत्र लिखा। साध्वी की चिट्ठी पर जांच शुरु हो गई। अटल बिहारी बाजपेयी ने मामला CBI को सौंप दिया। CBI ने पूरे मामले की पड़ताल शुरु की तो Rapist Ram Rahim के काली करतूतों की परतें उधड़ने लगीं। CBI ने उस साध्वी को भी खोज निकाला, जिसने गोपनीय पत्र भेजा था। साध्वी ने CBI को इंट्रोगेशन में न सिर्फ चौंकाने वाले राज बताए।


64 साध्वियों से Rapist Ram Rahim किया Rape


Rapist Ram Rahim के खिलाफ यौन शोषण के मामले की एक साध्वी के गुमनाम खत से शुरु हुई थी। यह गुमनाम पत्र 13 मई 2002 को साध्वी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखा गया था। जिसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरु राम रहीम पर 35 साल की साध्वी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। CBI की लंबी जांच और उसके बाद कोर्ट में चले इस हाईप्रोफाइल केस में फ्राइ-डे को पंचकूला स्थित CBI Court के जज ने Ram Rahim दोषी करार दिया। इस मामले में 28 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। फिलहाल Rapist Ram Rahim को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया है।



CBI के इंट्रोगेशन में पीड़ित साध्वी ने बताया था कि डेरे की गुफा में 64 साध्वी Rapist Ram Rahim का शिकार बन चुकी हैं। CBI अन्य पीड़िताओं को नहीं खोज सकी। उसके पीछे वजह यह रही कि सभी को डर था कि कहीं उनकी और परिवार की हत्या न कर दी जाए।


Gurmeet Ram Rahim Announces Son To Make Dera Sachha Sauda Shief In 2007Angel Hanipreet With Gurmeet Ram Rahim Helicopter


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YOGESH TRIPATHI



नई दिल्ली/कानपुर। CBI की विशेष अदालत से Rapist करार दिया जा चुके Gurmeet Ram Rahim की विरासत (डेरा सच्चा सौदा) की कौन संभालेगा, इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो Rapist Gurmeet Ram Rahim (डेरा सच्चा सौदा) की कमान अपने कथित “धर्मबेटी” एंजेल हनीप्रीत इंसा को सौंप सकते हैं। सूत्रों की मानें तो Gurmeet Ram Rahim हनीप्रीत को बेइंतहा मोहब्बत करता है। शायद यही वजह है कि CBI Court से लेकर वह हेलीकॉप्टर में बैठकर रोहतक जेल छोड़ने तक वह साथ रही। इतना ही नहीं Gurmeet Ram Rahim की टेंशन दूर करने के लिए वह उसे चॉकलेट भी खिलाती नजर आई। इतना ही नहीं वह डेरा सच्चा सौदा के हजारों करोड़ रुपए की प्रमुख बनने के लिए काफी बेताब भी दिख रही है।



Read This “धर्मबेटी” हनीप्रीत को रखैल बनाकर रखे है Rapist “बाबा” Gurmeet Ram Rahim !

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डेरा सच्चा सौदा के उत्तराधिकारी को लेकर “जंग” तेज


डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख Rapist Gurmeet Ram Rahim फिलहाल रोहतक में बनाई गई लग्जरी जेल में कैद है। उसके जेल जाते ही उत्तराधिकारी को लेकर बहस तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक Gurmeet Ram Rahim के बड़े “साम्राज्य” को उसका बेटा जसमीत सिंह इंसा ही संभालेगा। गौरतलब है कि गुरमीत ने 2007 में जसमीत को अपना उत्तराधिकारी बनाने की घोषणा की थी। लेकिन इसी बीच CBI ने Rapist Gurmeet Ram Rahim के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट दाखिल होते ही उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। जानकारों की मानें तो चार्जशीट दाखिल होने के बाद तमाम से नियम कायदे उत्तराधिकारी बनाने की राह में रोड़े बन रहे थे।

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एंजेल हनीप्रीत इंसा संभाल सकती है Gurmeet Ram Rahim की “विरासत”

हालांकि Rapist Gurmeet Ram Rahim के जेल जाते ही सबसे बड़ी चर्चा उसकी कथित खूबसूरत  “धर्मबेटी” हनीप्रीत इंसा को लेकर हो रही है। सूत्रों की मानें तो डेरा के हजारों करोड़ के “साम्राज्य” की विरासत 35 साल की इस हसीन हनीप्रीत को सौंपी जा सकती है। इसके पीछे सबसे बड़ा तर्क यह है कि यह Rapist Gurmeet Ram Rahim की गोद ली हुई बेटी है। इस लिए डेरा सच्चा सौदा की प्रमुख की नियुक्ति में परिवारवाद वाला नियम आड़े नहीं आएगा। जानकारों की मानें तो Rapist Gurmeet Ram Rahim अपने परिवार से कहीं अधिक कथित “धर्मबेटी” हनीप्रीत को प्यार करता है। हनीप्रीत जेल जाते समय हेलीकॉप्टर में साथ देखी गई। गौरतलब है कि Rapist Gurmeet Ram Rahim की चार संतानें हैं। जिनमें से तीन बेटियां अमनप्रीत कौर इंसा, हनीप्रीत कौर इंसा, चरणप्रीत कौर इंसा और बेटा जसमीत सिंह इंसा है। हनीप्रीत कौर गोद ली हुई “धर्मबेटी” है।

खुद भी बना रह सकता है डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख


सूत्रों की मानें तो शातिर और बेहद चालाक किस्म का Rapist Gurmeet Ram Rahim सहजता से किसी पर विश्वास नहीं करता है। उसे अपने परिवार पर भी विश्वास नहीं है। यौन शोषण मामले में उसे 28 अगस्त को सज़ा सुनाई जानी है। ऐसे में अब ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या राम रहीम जेल में रहते हुए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बना रहता है ? या फिर अपने 700 एकड़ से बड़े साम्राज्य का कोई उत्तराधिकारी घोषित करता है।

Gurmeet Ram Rahim Married Priyanka's Wedding In 1999 With Vishwas GuptaHe Had Filed A Petition In The High Court For The Rslease Of Wife


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YOGESH TRIPATHI


नई दिल्ली। CBI की विशेष अदालत से Rape के दोषी करार दिए जा चुके डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख Gurmeet Ram Rahim ने धर्मबेटी हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तक को नहीं छोड़ा। वह उसे रखैल बनाकर रखे हुए है। देश-विदेश कहीं भी जाता है तो वह उसे अपने साथ 5-Star होटल के कमरे में पूरी रात साथ रखता है। यह आरोप खुद हनीप्रीत के पति Vishwas Gupta ने वर्ष 2011 में लगाए थे। आरोप लगने के बाद  Gurmeet Ram Rahim के गुंडों ने विश्वास और उसके पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी, जिसके बाद विश्वास ने मांफी मांग डेरा छोड़ दिया।



2009 की एक पार्टी में बनाया “धर्मबेटी”


किस्सा दिसंबर 2009 का है। Ram Rahim ने डेरे में एक बेहद रंगीन महफिल सजाई थी। इस रंगीन महफिल में Ram Rahim  ने डेरे में रह रहे भक्त विश्वास गुप्ता को पास बुलाया। Ram Rahim ने विश्वास से कहा कि, “आज से तुम्हारी बीवी प्रियंका को मैं अपनी धर्मबेटी स्वीकार करता हूं और तुमको दामाद”। Ram Rahim जैसे जलवेदार और रसूखदार बाबा का दामाद घोषित होने पर विश्वास फूले नहीं समाए। डेरे में उनको बतौर “जमाई राजा” बड़ा सम्मान भी मिलने लगा। लेकिन Ram Rahim की कुत्सित मंशा विश्वास गुप्ता बिल्कुल भी नहीं भांप सके। उसे यह नहीं पता था कि Ram Rahim की नजर उसकी पत्नी प्रियंका उर्फ हनीप्रीत पर पहले से ही थी। उसने हनीप्रीत को धर्मबेटी इस लिए बनाया ताकि वह अपने अवैध संबंधों को छिपा सके।

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मई 2011 की रात गुफा का नजारा देख टूट गया Vishwas का "विश्वास"


विश्वास गुप्ता के मुताबिक मई 2011 की एक रात ने उनके जिंदगी की सारी खुशियां छीन लीं। वह डेरे में बाबा की गुफा की तरफ गए। बाबा के कमरे का दरवाजा खुला था। अंदर झांकने पर नजारा देखने पर विश्वास के पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। Ram Rahim  अपनी धर्मबेटी और विश्वास की पत्नी हनीप्रीत उर्फ प्रियंका के साथ नग्न अवस्था में रंगरंगेलियां मना रहा था। विश्वास का आरोप है कि जब उसने रंगे हाथों पकड़ लिया तो Ram Rahim ने उसे जान से मारने की धमकी दी। धमकी से खौफजदा विश्वास डेरा छोड़ पूरे परिवार के साथ पंचकुला के मकान में किराए पर रहने लगे। लेकिन यहां भी Ram Rahim के गुंडे उसे धमकाने लगे। यह सभी आरोप विश्वास गुप्ता ने हरियाणा एंव पंजाब हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में लगाए हैं। उन्होंने कोर्ट से अपनी बीवी को कब्जाने का आरोप लगाते हुए रिहाई की मांग की थी।

Gurmeet Ram Rahim की रखैल बनकर रह रही है हनीप्रीत उर्फ प्रियंका


Gurmeet Ram Rahim  की कथित धर्मबेटी हनीप्रीत उर्फ प्रियंका अपने पति और परिवार के साथ नहीं रह रही है। वह रेप में दोषी करार दिए गए Ram Rahim  के साथ ही रह रही है। हनीप्रीत का वास्तविक नाम प्रियंका है।

Gurmeet Ram Rahim ने कराई थी प्रियंका की Vishwas Gupta से शादी


विश्वास गुप्ता के मुताबिक 14 फरवरी 1999 को फतेहाबाद की प्रियंका का विवाह Ram Rahim ने कराया था। लेकिन तब वह Ram Rahim की कुत्सित मंशा को भांप नहीं पाए थे। हकीकत का पता जब चला तब तक उनकी पूरी दुनिया उजड़ चुकी थी। विश्वास गुप्ता का आरोप है कि Ram Rahim जब मेरी पत्नी को धर्मबेटी मानते हैं तो उसको मुझसे दूर क्यों रखते हैं ? जब देश या विदेश में वह होटल के अंदर रुकते हैं तो मेरी बीवी उनके साथ होती है और उसे बगल के कमरे में ठहराया जाता है।

खौफजदा परिवार ने भरी सभा में रोते हुए मांगी थी मांफी


विश्वास गुप्ता ने पत्नी हनीप्रीत (प्रियंका) को बाबा के कब्जे से दिलाने के लिए 2011 में हरियाणा एंव पंजाब हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस दौरान Gurmeet Ram Rahim के गुंडे उसे पूरे परिवार के साथ जान से मार डालने की धमकियां देते रहे। वर्ष 2014 में डेरा सच्चा सौदा परिसर में चल रहे सत्संग के दौरान विश्वास गु्प्ता और उनके पिता को खड़ा कराया गया। रोते-बिलखते पिता-पुत्र ने न सिर्फ मांफी मांगी बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि विरोधियों के बहकवे में आकर उन्होंने डेरा प्रमुख पर आरोप लगाए।

Jagdeep Singh Slected Special Judege Of CBI in 2016In the Year 2012 Came To The Judicial Service


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नई दिल्ली। अपनी ईमानदारी और एक बड़े फैसले से CBI Court के जज जगदीप सिंह देश के हीरो बन गए। फ्राइ-डे को ऐतिहासिक फैसले में उन्होंने साध्वी के साथ यौन शोषण के मामले में गुरमीत राम रहीम को रेप का दोषी ठहराया। 28 अगस्त को Court अब राम रहीम को सजा सुनाएगी।

हरियाणा के जींद निवासी हैं जगदीप सिंह


हाई प्रोफाइल मामले में फैसला सुनाने वाले जज हरियाणा के जींद निवासी जगदीप सिंह हैं। जगदीप सिंह काफी सख्त और ईमानदार अफसर हैं। शायद यही वजह है कि उन्होंने बगैर किसी के दबाव में आए हुए यौन शोषण मामले में राम रहीम को दोषी माना।

[caption id="attachment_16582" align="aligncenter" width="695"]jagdeep kumar judege cbi court, ram rahim, redeyestimes jagdeep kumar judege cbi court[/caption]

वर्ष 2012 में न्यायिक सेवा में आए


डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को रेप के मामले में दोषी करार देने वाले जज जगदीप सिंह एडीजी स्तर के न्यायिक अधिकारी है। जगदीप सिंह 2012 में न्यायिक सेवा में आए। इससे पहले वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में फौजदारी मामलों के वकील थे। वर्ष 2000 से लेकर 2012 तक अपराधिक मामलों के मुकदमे लड़ रहे थे।

2016 में चुने गए CBI के स्पेशल जज


2012 में हरियाणा की न्यायिक सेवा में शामिल हुए जगदीप सिंह को पिछले साल ही CBI स्पेशल जज के लिए चुना गया था। बतौर न्यायिक अफसर यह उनकी दूसरी पोस्टिंग है। 2012 में हरियाणा की न्यायिक सेवाओं में शामिल हुए और उन्हें सोनीपत में तैनात किया गया। आम तौर पर High Court प्रशासन की तरफ से कई जांच के बाद CBI कोर्ट में पोस्टिंग दी जाती है। श्रीसिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से उन्होंने कानून की डिग्री ली हैं।

पीड़िता साध्वी ने लिखा था पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी को पत्र


गौरतलब है कि वर्ष 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल के दौरान एक गुमनाम पत्र लिखकर डेरा प्रमुख राम रहीम पर एक साध्वी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। ये पत्र प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और हाईकोर्ट को भेजा गया था। हाईकोर्ट ने इसे संज्ञान में लेकर कार्यवाही शुरू की और उसके बाद CBI जांच शुरू हुई जिसकी परिणति आज फैसले के रूप में हो रही है।

CM Manohar Lal Khattar says situation under controlsection 144 in Delhi


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नई दिल्ली। CBI की स्पेशल Court की तरफ से Rapist करार दिए गए गुरमीत राम रहीम और उनके गुंडों की तरफ से हिंसा के लिए की गई तैयारियों के मद्देनजर हरियाणा पुलिस के IGP Law & Order तीन दिन पहले ही Alert जारी कर दिया गया था। यह Alert सूबे में हिंसा के बाबत जारी किया गया था। मातहतों को जारी किए गए गोपनीय पत्र में राज्य में बड़ी हिंसा का अंदेश जताते हुए ऐहतियात के तौर पर सख्त कदम उठाने की बात भी कही गई थी। अब सवाल यह उठता है कि यदि पुलिस विभाग के बड़े अफसर की तरफ से यदि तीन दिन पहले ही हिंसा का अंदेशा जता दिया गया था तो सूबे की सरकार क्या दही जमा रही थी ?

हिंसा की लपटों में सुलग उठे हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली


कलयुगी बाबा राम रहीम के जेल जाते ही उत्तर भारत के कई राज्य हिंसा की लपटों में धू-धू कर जलने लगे। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या राम रहीम के गुंडों ने पहले से ही हिंसा की प्लानिंग कर रखी थी ? पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी लाखों लोगों का हरियाणा में डेरा प्रदेश सरकार ने क्यों डालने दिया ?

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गोपनीय पत्र में IGP ने जता दिया था हिंसा का अंदेशा


हरियाणा के IGP Law & Order की तरफ से पंजाब पुलिस को लिखे गए गोपनीय पत्र में में साफ कहा गया है कि बड़ी हिंसा हो सकती है। राम रहीम के समर्थक ज्वलनशील पदार्थ और असलहे एकत्र कर रहे हैं। पत्र में हिंसा को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात भी लिखी गई थी।  तीन दिन पहले लिखे इस पत्र में IGP ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने की बात कही थी।

तीन दिन पहले जारी पत्र में क्या लिखा है ?


IGP गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने पत्र में आगाह किया गया कि फरीदकोट के घरों में पेट्रोल और डीजल जमा किया जा रहा है। यही नहीं डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों ने घरों की छतों पर नुकीले हथियार और पत्थरों को जमा करना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में राम रहीम के विरुद्ध फैसला आने पर समर्थक इनका इस्तेमाल सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने में हो सकता है।

पत्र में IGP ने और पुलिस प्रशासन की अधिक व्यवस्था करने का भी उल्लेख किया है। IGP ने सुरक्षा के लिए और ज्यादा कदम उठाने पर भी जोर दिया था। यही नहीं IGP ने शांति बनाए रखने के लिए समर्थकों को हिरासत में लेने की बात भी कही थी। हालांकि इसके बावजूद हरियाणा और पंजाब सरकार और वहां के पुलिस प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है कि कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। राज्य में अशांति फैल गई, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सारी जानकारी थी तो हरियाणा और पंजाब सरकार ने राज्य को क्यों जलने दिया, क्यों माहौल बिगड़ने से नहीं रोका गया।

500 Dera Followers Detained After ViolenceDera Property Will Be Seized To Pay For Friday's Damages, Orders Court


[caption id="attachment_16569" align="aligncenter" width="650"]ram rahim hinsa panchkula redeyestimes ram rahim hinsa panchkula[/caption]

नई दिल्ली। पहले आसाराम बापू और अब बाबा गुरमीत राम रहीम। देश का एक और बाबा बलात्कारी निकला। फ्राइ-डे को CBI की विशेष अदालत ने राम रहीम को दुराचार के मामले में दोषी ठहराया। Court के फैसले के बाद राम रहीम के गुंडों ने हरियाणा, पंजाब में हिंसा फैला दी। गुंडों ने 30 बेगुनाह लोगों की हत्या कर दी और करीब 250 से अधिक लोगों को घायल कर दिया। देखते ही देखते हरियाणा का पंचकूला Gurmeet Ram Rahim की लपटों में सुलग उठा। हरियाणा सरकार ने पंचकूला के DSP को सस्पेंड कर दिया है।

फैसले के बाद डेरा समर्थकों ने Panchkula में 28 की हत्या की


CBI की विशेष कोर्ट ने फ्राइ-डे की शाम जैसे ही अपना फैसला सुनाते हुए राम रहीम को रेप के मामले में दोषी ठहराया। राम रहीम के गुंडे बेकाबू हो गए। Court के बाहर जमा हजारों की संख्या में गुंडे हिंसा पर आमादा हो गए। इन गुंडों के हमले और आगजनी में 28 बेगुनाह लोगों के मारे जाने की खबर है।


मीडिया कर्मी और उनके वाहनों को बनाया निशाना


फैसले के विरोध में बाबा गुरमीत राम रहीम के हजारों गुंडों ने Court और उसके आसपास कवरेज कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाते हुए उनके वाहनों (OB) वैन को फूंक दिया। पुलिस पर पत्थरबाजी की। फोर्स कम होने की वजह से पुलिस को बैकफुट पर रहना पड़ा। कई घंटे तक पुलिस राम रहीम के गुंडों के आगे बेबस और असहाय सी खड़ी रही। इस दौरान गुंडों ने कई सरकारी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया। बेकाबू हो चुके राम रहीम के गुंडों पर काफी देर बाद पुलिस ने टियर गैस के गोले दागे।

Panchkula में सेना तैनात, आपातकाल जैसे हालात


राम रहीम के गुंडे कई घंटे तक पंचकूला में घूम-घूम कर तांडव करते रहे और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। थोड़ी ही देर में पंचकूला की यह चिंगारी देश के कई राज्यों में “ज्वालामुखी” बनकर फटने लगी तो केंद्र की BJP सरकार भी नींद से जागी।

हरियाणा और पंजाब की से जाने वाली 485 ट्रेन प्रभावित


हरियाणा और पंजाब की की तरफ से जाने और वहां से आने वाली करीब 485 ट्रेन प्रभावित हुईं हैं। इसमें 214 मेल और 235 पैसेंजर ट्रेन रद्द की गई है। 31 मेल व पैसेंजर आंशिक रूप से रद्द की गई।

Internet सेवा बंद


हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी हिंसा को देखते हुए पंचकूला, कैथल और सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया गया। पंचकूला में एक हजार से ज्यादा डेरा समर्थकों को Arrest किया गया। Army ने कई इलाकों में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया। पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में 72 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। पंजाब के बठिंडा, मनसा और मुक्तसर में भी कर्फ्यू लगा है।

बाबा के गुंडों ने दो रेलवे स्टेशन फूंक दिए


बाबा राम रहीम के गुंडों ने पंजाब के मलौट और बलुआना रेलवे स्टेशनों में भी आग लगा दी। कई मोटरसाइकिलों, कारों और इमारतों को भी फूंक दिया। इनमें पंजाब के मानसा में आयकर भवन शामिल है।  बठिंडा के एक रेल स्टेशन में आगजनी की गई। पंजाब का मालवा क्षेत्र डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव वाला इलाका है।

DELHI में ट्रेन के अंदर आगजनी


बाबा राम रहीम के गुंडों ने दिल्ली स्थित आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर रीवा एक्सप्रेस के दो खाली कोचों को अज्ञात उपद्रवियों ने आग लगा दी। नंद नगरी के मंडोली फ्लाईओवर पर दो बसों में आग लगा दी गई। दिल्ली पुलिस ने छह उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। 11 जिलों में धारा 144 के साथ दिल्ली के हरियाणा से सटे इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली में भाजपा प्रदेश मुख्यालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

UP में बस को आग के हवाले किया


गाजियाबाद के लोनी में डेरा समर्थकों एक बस को आग के हवाले कर दिया। यूपी पुलिस ने हरियाणा से लगते जिलों शामली, मुजफ्फरनगर और बागपत के अलावा नोएडा-गाजियाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है।

 

UP Government Will Give50 Lakh's To JP Singh FamillyLucknow, Banda, Jaunpur Range Police Pay One Day's Salary


[caption id="attachment_16564" align="aligncenter" width="675"]jp singh si-chitarakoot, encounter, redeyestimes jp singh si- File (PHOTO)[/caption]

YOGESH TRIPATHI


कानपुर/चित्रकूट। यूपी के बुन्देलखंड स्थित Chitrakoot जनपद में गुरुवार को दस्यु बबुली कोल और उसके गैंग के साथ सीधी मुठभेड़ में शहीद हुए रैपुरा थाने के सब इंस्पेक्टर JP Singh के बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें “वीरता पदक” से सम्मानित किए जाने का ऐलान किया है।


परिवार को मिलेगी 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद


शहीद सब इंस्पेक्टर JP Singh के वीरता का प्रशंसा करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा भी की। इसमें 40 लाख रुपए शहीद सब इंस्पेक्टर की धर्मपत्नी और 10 लाख रुपए उनके माता-पिता को दिए जाएंगे। शहीद को दी जाने वाली धनराशि में 25 लाख रुपए गृह विभाग तथा 25 लाख रुपए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिए जाएंगे।


शहीद JP Singh की स्मृति में बनेगी सड़क


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जौनपुर स्थित JP Singh के पैतृक गांव बनेवरा में उनकी स्मृति में एक द्वार का निर्माण कराने के साथ क्षेत्र में एक सड़क का नामकरण JP Singh किए जाने की घोषणा भी की है।

जौनपुर, लखनऊ, बांदा परिक्षेत्र की पुलिस देगी एक दिन का वेतन


साथी JP Singh  की शहादत के बाद जौनपुर, लखनऊ, बांदा समेत कई जनपदों के पुलिस कर्मियों ने अपना एक दिन का वेतन परिजनों को देने का ऐलान किया है।

[caption id="attachment_16565" align="aligncenter" width="695"]body-of-shaheed-darooga-reached-the-home 25 august2, redeyestimes body-of-shaheed-darooga-reached-the-home 25 august2[/caption]

CM ने की शहीद के पिता से फोन पर बातचीत


यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद JP Singh के पिता श्याम बिहारी सिंह को ढांढस बंधाते हुए कहा कि आपके बेटे ने समाज में अमन-चैन स्थापित करने के लिए अपना बलिदान दिया है। उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। सीएम के निर्देश पर सूबे के ग्राम्य विकास मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह ने शहीद JP Singh के गांव जाकर उनके परिजनों से भेंट की।

उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की तरफ से शोक संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने शहीद JP Singh के पिता से मोबाइल पर CM योगी आदित्यनाथ से बात कराई। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार JP Singh के परिवार के साथ खड़ी है।

Chitrakoot Police Blueprint Failed In Front Of DacoitesThe Truth Of Broker Journlism


[caption id="attachment_16554" align="aligncenter" width="695"]body-of-shaheed-darooga-reached-the-home 25 august1, redeyestimes body-of-shaheed-darooga-reached-the-home 25 august1[/caption]

YOGESH TRIPATHI


कानपुर/चित्रकूट। यूपी के बुन्देलखण्ड स्थित दस्यु प्रभावित जनपद Chitrakoot में डकैत बबुली कोल और उसके गिरोह के साथ Encounter में UP Police ने अपने एक जाबांज सब इंस्पेक्टर JP Singh को खो दिया। शहीद सब इंस्पेक्टर JP Singh की जाबांजी, उनकी बहादुरी को सेल्यूट करते हुए www.redeyestimes.com उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता है। साथ ही पोर्टल ने चित्रकूट जनपद की पत्रकारिता, पुलिस के तमाम दावों और घटनाक्रम के  सच्चाई की सतही हकीकत कुछ सच और चर्चाओं को आप तक लाने की कोशिश की है।


Encounter पर क्या दावा कर रही है Chitrakoot Police ?

चित्रकूट पुलिस का दावा है कि लंबे समय से पुलिस दस्यु बबुली कोल की तलाश में पाठा के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। गुरुवार को दस्यु बबुली कोल और उसके गिरोह के निरीह चिरैया के जंगलों में मौजूद होने की खबर मिली। पुलिस का दावा है कि गिरोह को ढूंढते हुए पुलिस जंगलों में वहां पहुंच गई जहां पर दस्यु गिरोह मौजूद था। पुलिस के दावों के मुताबिक सुबह के पांच बजे थे। दस्यु बबुली कोल और उसके गैंग ने पुलिस को देखते ही अंधाधुंध गोलियां दागीं। पुलिस ने भी क्रास फायरिंग की लेकिन रैपुरा थाने के दरोगा JP Singh डकैतों की गोली लगने से शहीद हो गए। जबकि बहिलपुरवा थानेदार वीरेंद्र त्रिपाठी के कमर में गोली लगी।

https://twitter.com/CMOfficeUP/status/900960424580964352

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पुलिस को थी खबर लवलेश के नानी की तेरहवीं में आएगा गिरोह

ग्रामीणों और जनपद के कुछ बुजुर्ग पत्रकारों इस बात की तगड़ी चर्चा कर रहे हैं कि गिरोह को खत्म करने का जो ब्लूप्रिंट चित्रकूट पुलिस ने तैयार किया था उसकी योजना पुलिस सटीक नहीं बना सकी। जबरा सूत्रों के मुताबिक निरीह चिरैया गांव के पास रहने वाले एक डकैत समेत तीन को पुलिस ने उठा लिया था। इंट्रोगेशन में पुलिस को पता चला कि बुधवार को बबुली कोल के दाहिने हाथ लवलेश के नानी की तेरहवीं हैं। यह गांव निरीह चिरैया के जंगलों के पास ही है। पूरे गिरोह को खत्म करने के लिए पुलिस ने अपना जाल बिछाया। बताया जा रहा है कि इस बीच गिरोह के मुखबिरों ने दस्यु गिरोह को खतरे से पहले ही आगाह कर दिया था। लिहाजा गैंग भी पूरी तैयारी से पहुंचा। बताया जा रहा है कि जब आमना-सामना हुआ तो बौखलाए बबुली कोल गैंग ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की। जिसमें दरोगा JP Singh शहीद हो गए।

लवलेश के नानी की तेरहवीं और Encounter का “कनेक्शन”

वरिष्ठ पत्रकारों और ग्रामीणों में होने वाली चर्चाओं को यदि सच मान उनके दावों पर विश्वास करें तो बुधवार को बबुली कोल के दाहिने हाथ कहे जाने वाले लवलेश कोल के नानी की तेरहवीं थीं। चर्चा है कि पुलिस ने राजू कोल समेत तीन डकैतों को पहले ही उठा लिया था। इस लिए गैंग के तेरहवीं में पहुंचने की भनक पुलिस को लग चुकी थी। बबुली कोल के सफाए के लोग पुलिस ने घेराबंदी की। चर्चा है कि पुलिस के पहुंचने की खबर बबुली कोल भी था। देर रात आमना-सामना होने पर बबुली ने पुलिस टीम पर जमकर गोलियां चलाईं। पुलिस ने भी क्रास फायरिंग की लेकिन इस मुठभेड़ में सब इंस्पेक्टर जेपी सिंह शहीद हो गए। चर्चा है कि पुलिस बबुली कोल ढेर कर पुलिस कुछ डकैतों को सरेंडर या फिर गिरफ्तार करना चाहती थी लेकिन हो गया सबकुछ उल्टा-पुल्टा।

तो क्या ब्लूप्रिंट बनाने में फ्लाफ हो गई चित्रकूट पुलिस

दरोगा की शहादत के बाद अब तमाम तरह के सवाल पुलिस टीम पर उठ रहे हैं। यदि पुलिस की कहानी को ही सच मान लिया जाए तो एक सवाल यह भी उठता है कि आखिर पुलिस की रणनीति कहां फ्लाफ रही ? पुलिस का दावा है कि कई डकैतों को गोलियां लगीं हैं ? पुलिस ने यह भी कहा कि जंगल के तीन रास्तों पर घेराबंदी की गई है ? तो फिर भी डकैत कैसे भाग निकले ? खुद को हाईटेक कहने वाली यूपी पुलिस ने नई टेक्नालजी का प्रयोग क्यों नहीं किया ? यूपी के सबसे बड़े इनामी डाकू को घेरने से पहले क्या ऊपर बैठे अफसरों को सूचना दी गई ? क्या उनसे पूरी रणनीति को साझा किया गया ? PAC या फिर अन्य सुरक्षा बलों को क्यों नहीं ऑपरेशन में शामिल किया गया ? रात के अंधेरे में एनकाउंटर के लिए पहुंची पुलिस के पास क्या नाइटविजन कैमरा था ? लखनऊ में बैठे पुलिस अफसरों को इस बडे घटनाक्रम की जानकारी देर से लोकल पुलिस ने क्यों दी । सोशल मीडिया twitter पर www.redeyestimes.com दरोगा जेपी सिंह के शहीद होने की खबर ट्वीट की। डीआइजी चित्रकूट ने सही जानकारी जब चित्रकूट पुलिस से मांगी तो जवाब में उत्तर मिला कि दरोगा जेपी सिंह शहीद हो गए हैं। चर्चा है कि पुलिस की रणनीति सही नहीं थी, जिसकी वजह से दरोगा जेपी सिंह शहीद हुए और गिरोह भाग निकला। पूरे घटनाक्रम पर किसी भी बड़े अफसर ने कोई बयान देना भी मुनासिब नहीं समझा।

वाट्सअप के चिरकुट पत्रकार बड़े घटनाक्रम पर करते रहे पुलिस की “पत्तेचाटी”

पत्रकारिता का स्तर कितना गिर गया है इसका सहजता से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। थाने और चौकी पर जो शाम चार बजे से रात आठ बजे तक दिखे उसे पत्रकार नहीं दलाल कहिए। इन्हीं दल्ले टाइप के पत्रकारों ने गुरुवार सुबह से वाट्सअप पर चित्रकूट पुलिस का गुणगान करना शुरु कर दिया। पुलिस के खाते में नंबर बढ़वाने में लगे चिरकुट पत्रकारों ने वाट्सअप पर अपनी चाटुकारिता वाली पत्रकारिता शुरु कर दी। सुबह 11 बजे के करीब तक इन दल्ले पत्रकारों ने बबुली कोल, लवलेश समेत चार डकैतों के मारे जाने की खबर भी चला दी। इतना ही नहीं Encounter स्थल से करीब 50 किलोमीटर दूर कर्वी मुख्यालय में बैठे इन पत्रकारों को मौका-ए-वारदात पर मांस के लोथड़े और खून के धब्बे भी दिख गए। अफसरों को वाट्सअप ग्रुप में जोड़कर चिरकुट पत्रकारिता करने वाले इन दल्ले टाइप के पत्रकारों ने पुलिस को काफी राहत दे दी।

ठेकेदारी, गाड़ियां चलवाना और ठर्रा लगाना है चिरकुटों का पेशा

वाट्सअप पर पत्रकारिता की धज्जियां उड़ाने वाले इन चिरकुट पत्रकारों का पेशा पत्रकारिता नहीं है। सिर्फ पुलिस की भाषा लिखने वाले यह दल्ले पत्रकारिता का पहला अक्षर “प” भी सही तरीके से नहीं जानते। थानेदारों और सिपाहियों के पैर छूकर अवैध रूप से अपनी गाड़ियां चलवाने में माहिर कई दल्ले तो नेताओं के तलवे चाटकर ठेकेदारी कर रहे हैं। कुछ दल्लों को तो सिर्फ शाम के समय देशी ठर्रा चाहिए होता है। इन सबके बाद धन्य हैं उन अखबारों के संपादक जो अखबारों के लिए विज्ञापन और अपने लिए महीने और साल के त्योहारों पर गिफ्ट के लालच में ऐसे दलालों को रिटेनरशिप पर रखे हुए हैं। जी, हां यह सच्चाई कि रिटेनरशिप पर पांच हजार रुपए भी नहीं मिलते हैं। मतलब साफ है कि अंगूठा छाप मनरेगा श्रमिक के बराबर भी ये दल्ले पत्रकार अपने संस्थानों से वेतन नहीं पाते हैं लेकिन फिर खुद में दंभ बहुत भरते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि जिले का ब्यूरो चीफ बनने के लिए ये दल्ले एड़ी से चोटी का जोर लगा देते हैं। बुन्देलखण्ड का शायद ही कोई ऐसा जिला हो जहां दल्ले पुलिस की साठगांठ से खनन ठेकेदारों से पैसा न ले रहे हों। एक जनपद के दो बड़े अखबारों के ब्यूरोचीफ के खिलाफ www.redeyestimes.com ने कुछ महीने पहले खबर भी चलाई थी, जिसके बाद दोनों दल्ले हटाकर कानपुर के ऑफिसों में बैठाए गए।

बड़े अखबार को लेनी पड़ी अपने शराबी पत्रकार की मदद


दो सप्ताह पहले चित्रकूट जनपद से बांदा ट्रांसफर किए गए एक शराबी पत्रकार की मदद एक बड़े संस्थान को Encounter की रिपोर्टिंग के लिए लेनी पड़ी। यह पत्रकार तमाम शिकायतों के बाद बांदा लाया गया था। चित्रकूट जनपद का दफ्तर सिर्फ ऑपरेटर के बल पर चल रहा था। AC में बैठने वाले अखबार के अफसरों को उस समय सांप सूंघ गया जब चित्रकूट में दरोगा के शहीद होने की खबर मिली। अफसरों ने तत्काल बांदा से इस पत्रकार को भेजा। इस पत्रकार के बारे में बताया जाता है कि यह पुरानी फोटो को नई खबर के साथ लगाने में माहिर है और उसने वहीं किया भी। पुरानी फोटो सर्च ऑपरेशन की भेज उसने कानपुर, लखनऊ और दिल्ली में बैठे सर लोगों का दिल भी जीत लिया। इस पत्रकार को अपना पूरा नाम टाइप करने में पांच मिनट लग जाते हैं।

ददुआ के लिए Army और ठोकिया के सफाए को लगे थे कमांडो

पाठा के जंगलों में लंबे समय तक आतंक मचाने वाले दस्यु स्म्राट ददुआ के लिए अस्सी के दशक में सेना तक लगानी पड़ी थी। लेकिन सफलता STF को साल 2007 में मिली। STF के छह जवानों को मारने के बाद किरकिरी बने ठोकिया के लिए कमाडों तक लगाने पड़े। STF ने उसे ठोकिया को भी ठोंक दिया। अब सवाल यह उठता है कि बबुली कोल को मारने के लिए STF या फिऱ सेना की मदद ली जाएगी या फिर वह पाठा के जंगलों में दहशतगर्दी फैलाता रहेगा ?

जनता को याद आए रणनीति के माहिर पूर्व कप्तान पवन कुमार

अपने रणनीति से बलखड़िया जैसे डाकू को ढेर करने के बाद उसके गिरोह को पूरी तरह से छिन्न-भिन्न करने वाले चित्रकूट पुलिस के पूर्व एसपी पवन कुमार को लोग एक बार फिर याद कर रहे हैं। चित्रकूट की जनता हो या फिर वरिष्ठ पत्रकार सभी का कहना है कि पवन कुमार एनकाउंटर के स्पेशलिस्ट ही नहीं वह रणनीति बनाने में भी मॉस्टर माइंड थे। शायद यही वजह थी कि दो साल पहले बलखड़िया को मारने के बाद वह गिरोह के कई सदस्यों को दबोचने में भी सफल हुए थे। अब सवाल उठता है कि खूंखार हो चुके बबुली कोल को मारने के लिए क्या अफसर कोई ठोस रणनीति बनाकर स्पेशल फोर्स लगाएंगे या फिर शहीद दरोगा जेपी सिंह की शहादत को यूं हीं भूल जाएंगे ?

जल्द दो और गिरफ्तारियां दिखा वाहवाही लूट सकती है पुलिस !

डकैत राजू कोल को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का दावा है कि एनकाउंटर के दौरान राजू के पैर में पुलिस की गोली लगी। उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है। चर्चा है कि पुलिस अगले कुछ घंटों में दो और अस्थायी डकैतों को गिरफ्तार कर वाहवाही लूट सकती है। सवाल यह है कि क्या शहीद दरोगा जेपी सिंह को सिर्फ दो गिरफ्तारियों से सच्ची श्रद्धांजलि मिल जाएगी ?

गुस्से में हैं साथी पुलिस कर्मी

रैपुरा थाने के जाबांज और बहादुर दरोगा जेपी सिंह की शहादत के बाद साथी पुलिस कर्मियों में खासा गुस्सा है। शरीर पर सरकारी वर्दी होने की वजह से वह गुस्से का इजहार नहीं कर पा रहे हैं लेकिन क्रोध इतना है कि बबुली कोल या फिर उसके गिरोह का सफाया कर वह साथी दरोगा की शहादत का बदला लेना चाहते हैं।

 

 

 

 

 

 

More Than 12 Police Person's Have Been Killed In Chitrakoot By DacoitsAfter The Dadua, Thokiya, Balkharya & Now Babuli Kol


photo of yogesh tripathi--redeyestimes

YOGESH TRIPATHI

कानपुर। पाठा के जंगलों में दस्यु सम्राट ददुआ, अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया, दस्यु रागिया और बलखड़िया जैसे खूंखार अपराधियों को Encounter में ढेर करने का दावा भले ही uppolice करती हो लेकिन जब-जब डकैतों के साथ रियल Encounter हुआ खुद के हाईटेक होने का दंभ भरने वाली Police मुंह के बल गिरी। एक-दो नहीं बल्कि अब तक दर्जन भर से अधिक पुलिस कर्मियों की जान जा चुकी है। इतने ही पुलिस कर्मी गोली लगने से घायल हो चुके हैं। गुरुवार को Babuli Kol गैंग के साथ Encounter में रैपुरा थाने के सब इंस्पेक्टर JP Singh शहीद हो गए, जबकि बहिलपुरवा के थानेदार वीरेंद्र त्रिपाठी का गंभीर हालत में इलाज चल रहा है।


घनश्याम केवट ने अकेले ही UP-Police कर दिया था पस्त


यूं तो पाठा के जंगलों में डकैतों और पुलिस के बीच कई एनकाउंटर हो चुके हैं लेकिन करीब आठ साल पहले चित्रकूट के राजापुर थाना एरिया के जमौली गांव में दस्यु घनश्याम केवट उर्फ शंकर के साथ तीन दिन तक चले Encounter को भला कौन भूल सकता है ? एक मकान में छिपे डाकू घनश्याम ने सिर्फ .315 बोर की राइफल से उसने 1000 पुलिस वालों को नाको चने चबवाए। STF, SOG, PAC सब लगा दी गई। तीन दिन बाद हालात Army को बुलाने वाले हो गए। एक राइफल से उसने SOG, STF के एक-एक और PAC के दो जवानों को मार दिया। आधा दर्जन से पुलिस वाले घायल हुए। बांदा के तत्कालीन DIG भी गोली लगने से घायल हुए। तत्कालीन DGP विक्रम सिंह हेलीकॉप्टर से चित्रकूट पहुंचे। पुलिस फिर भी घनश्याम को नहीं मार पाई। जब उसके पास कारतूस कम पड़ गए तो वह गांव से भागा। इसी दौरान STF ने चारो तरफ से घेरकर घनश्याम को मार गिराया। घनश्याम तो मर गया लेकिन पुलिस की जो किरकिरी हुई उसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।

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दस्यु छविराम के Enconter का रिकार्ड टूट गया


घनश्याम केवट के Enconter से पहले छविराम के साथ पुलिस मुठभेड़ा का लंबा इतिहास रहा। छविराम के साथ पुलिस की मुठभेड करीब 56 घंटे तक चली थी लेकिन घनश्याम के एनकाउंटर में यह रिकार्ड भी टूट गया। यह एनकाउंटर करीब 80 घंटे से ऊपर तक चला। छविराम 80 के दशक का खूंखार डकैत था। लेकिन उसका कार्यस्थल पाठा का जंगल न होकर यूपी के बीहड़ और उसके आसपास के एरिया में था।

कभी नहीं भुलाया जा सकता है STF के जवानों का नरसंहार


23 जुलाई 2007 उत्तर प्रदेश स्पेशल टॉस्क फोर्स (UPSTF) की गाड़ियों पर दस्यु सरगना अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया उर्फ डॉक्टर ने गिरोह के साथ मिलकर स्वचालित असलहों से अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इस हमले में करीब आधा दर्जन STF के जवान शहीद हो गए और इतने ही घायल हुए।

[caption id="attachment_16538" align="aligncenter" width="695"]Ambika Patel (thokiya) File (Photo), redeyestimes Ambika Patel (thokiya) File (Photo)[/caption]

Police के लिए काफी क्रूर था ठोकिया


जानकार पुलिस वालों की मानें तो अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया Police के लिए काफी क्रूर था। खाकी वर्दी को देखते ही वह गोली चलाता था। STF के छह जवानों की जान लेने से पहले ठोकिया बौनापुरवा गांव में दो सिपाहियों की हत्या कर उनकी राइफलें लूट ली थीं। इसी तरह उसने कालिंजर थाना के नोखे का पुरवा में मुठभेड़ के दौरान सिपाही बृजकांत मिश्रा को मार दिया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो अपनी बहन की इज्जत तार-तार होने के बाद पाठा के जंगलों में हथियार लेकर कूदने वाले ठोकिया को पुलिस ने भी कम प्रताड़ित नहीं किया था। यही वजह थी कि वह पुलिस को देखते ही गोली चला देता था।

[caption id="attachment_16525" align="aligncenter" width="640"]babuli kol-File (Photo), redeyestimes babuli kol-File (Photo)[/caption]

बलखड़िया ने भी मरने से पहले Police पर किया था हमला


करीब दो साल पहले 2 जुलाई 2015 को दस्यु सरगना स्वदेश पटेल उर्फ बलखड़िया ने भी भरतकूप चौकी के पास गश्त कर रहे सिपाहियों की टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में दो सिपाही घायल हुए। घायल सिपाही ने किसी तरह हिम्मत का परिचय देते हुए राइफल से गोलियां चलाईं। जिसमें बलखड़िया घायल हुआ। इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। काली घाटी पर पुलिस को उसका सिर्फ कंकाल ही मिला।

नोट: ये वो बड़े आंकड़े हैं जो खुद को हाईटेक बताने वाली पुलिस के दावों की पोल खोलते हैं। जानकार पुलिस वालों की मानें तो पाठा के जंगलों में उनको डकैतों के सफाए के लिए तो लगा दिया जाता है लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ भी मुहैया नहीं कराया जाता। एक बार फिर यह बात उठी कि ऐसे संवेदनशील जगहों और मुठभेड़ में जाने वाले पुलिस के जाबांजों को बुलेटप्रूफ जैकेट सरकार और यूपी पुलिस क्यों नहीं मुहैया कराती ?